अगर अभी भी आपको एटीएम में अपनी वित्तीय जरुरतों को पूरा करने के लिए कैश संकट का सामाना करना पड़ रहा है तो फिर आपको ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है। अगर आपके पास स्मार्टफोन है और इंटरनेट करने का प्रयोग जानते हैं, तो फिर डिजिटल तरीके से अपनी समस्या को कुछ हद तक सुलझा सकते हैं।
कैश को इन्वेस्ट करने में फायदा
नोटबंदी ने जो पहला सबक सभी को दिया वो था कि आप कैश को घर में दबा कर न रखें। ज्यादातर भारतीयों में सेविंग की आदत होती है और एक साल पहले लोगों के घरों में कैश काफी अच्छी संख्या में पड़ा रहता था। अब लोग कैश को घर पर रखने के बजाय इन्वेस्ट करने लगे हैं। पैसा घर के बजाय बैंक अकाउंट या फिर सरकार की किसी भी योजना में निवेश कर सकते हैं। इसके साथ ही छोटे-बड़े कारोबारी जो केवल कैश से बिजनेस करते थे, उनको भी नेटबैंकिंग और क्रेडिट व डेबिट कार्ड से लेन-देन करने की आदत पड़ गई।
प्लास्टिक मनी का करें ज्यादा से ज्यादा प्रयोग
नोटबंदी के बाद से लोग प्लास्टिक मनी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने लगे हैं। इसने कैश पर निर्भरता काफी हद तक कम हो गई है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते चलन ने भी इसे काफी हद तक कम कर दिया है। बैंकों ने भी प्वाइंट ऑफ सेल मशीन की संख्या को भी काफी बढ़ा दिया है।
एटीएम पर डेबिट कार्ड का करें कम से कम प्रयोग
हर व्यक्ति को एटीएम पर कुल मिलाकर के आठ फ्री ट्रांजेक्शन करने की छूट मिली हुई है। इसमें से पांच ट्रांजेक्शन और अन्य बैंकों के एटीएम पर तीन ट्रांजेक्शन कर सकता है। आप डेबिट कार्ड को स्वाइप कई बार करा सकते हैं और इस तरह के ट्रांजेक्शन पर किसी तरह की कोई लिमिट तय नहीं की गई है।
नेटबैंकिंग का करें प्रयोग
आप किसी और को पैसे देने के लिए नेटबैंकिंग का उपयोग कर सकते हैं। आप NEFT/RTGS और IMPS का फायदा उठा सकते हैं। एनईएफटी में पेमेंट करने की कोई लिमिट नहीं है। वहीं आरटीजीएस में 2 लाख रुपये से ऊपर का ही ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इसका लाभ ज्यादातर व्यापारी ले सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको पेमेंट लेने की ज्यादा जल्दी है और छुट्टी वाले दिन भी पेमेंट करना चाहते हैं तो आईएमपीएस का लाभ ले सकते हैं। हालांकि इसमें केवल 2 लाख रुपये तक का ही पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं।