पैसा तो हर कोई कमाना चाहता है लेकिन कई बार फाइनेंशल प्लानिंग के बावजूद हम अपना वित्तीय लक्ष्य हासिल नहीं कर पाते। ऐसे में अगर आपको घर बैठे ही पैसा कमाने का मौका मिले, तो आप क्या कहेंगे। देश में कई ऐसी सरकारी योजनाएं हैं, जिनमें निवेश कर लोग मुनाफा कमा रहे हैं। पोस्ट ऑफिस में निवेशकों के लिए तमाम तरह की जमा योजनाएं उपलब्ध हैं। इन्हें छोटी बचत योजना भी कहते हैं। इन योजनाओं की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन पर सरकार का हाथ है और कुछ योजनाओं में सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
सरकारी योजना: जानिए क्या हैं छोटी बचत योजनाएं, कैसे करें निवेश और कितना मिलेगा ब्याज
कैसे करें निवेश?
छोटी बचत योजनाएं डाकघर, राष्ट्रीयकृत बैंकों और कुछ बड़े निजी ऋणदाताओं द्वारा संचालित की जाती हैं। इनमें से कुछ उपकरण जैसे पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट केवल पोस्ट ऑफिस द्वारा ही दिए जाते हैं। आप इन योजनाओं में पोस्ट ऑफिस या बैंक की शाखा में जाकर निवेश कर सकते हैं। कई बैंकों ने प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है, विशेष रूप से पीपीएफ योजना, जिसमें नेट बैंकिंग के माध्यम से निवेश किया जा सकता है। याद रखें कि आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा सरकार के पास जाता है।
सरकार तय करती है ब्याज दर
केंद्र सरकार की भूमिका होने की वजह से इन योजनाओं में जोखिम कम होता है। छोटी बचत योजनाएं दूसरी योजनाओं की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होती हैं। लंबे अवधि के लक्ष्यों के लिए इन योजनाओं में निवेश करने की सलाह दी जाती है। सरकार हर तिमाही में इनकी ब्याज दरें तय करती है। इन योजनाओं पर ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 2004 से 2014 के बीच छोटी बचत योजनाओं की दरों में केवल तीन बार बदलाव किए गए जबकि उसके बाद से अभी तक इनमें 21 बार बदलाव किया जा चुका है। अब हर तिमाही इनकी समीक्षा की जाती है।
इतनी है छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर-
- सेविंग डिपॉजिट पर चार फीसदी ब्याज
- एक साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी ब्याज
- दो साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी ब्याज
- तीन साल की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 फीसदी ब्याज
- पांच साल की टाइम डिपॉजिट पर 6.7 फीसदी ब्याज
- पांच साल की रिकरिंग डिपॉजिट पर 5.8 फीसदी ब्याज
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 7.4 फीसदी ब्याज
- मासिक इनकम खाता पर 6.6 फीसदी ब्याज
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 6.8 फीसदी ब्याज
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर 7.1 फीसदी ब्याज
- किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी ब्याज
- सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 फीसदी ब्याज
एफडी और छोटी बचत योजनाओं में क्या है बेहतर?
सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की दरों को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से अधिक रखा है क्योंकि ये योजना छोटे बचतकर्ताओं के लिए बनाई गई हैं। इनमें से अधिकांश उत्पादों में निवेश की ऊपरी सीमा होती है। उदाहरण के लिए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) की ऊपरी सीमा 15 लाख और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की ऊपरी सीमा 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है। वहीं अमीर व्यक्ति नियमों के तहत इनका लाभ नहीं उठा सकते हैं।