मंदी का माहौल धीरे-धीरे कंपनियों के साथ ही लोगों पर भी अपना असर दिखाने लगा है। इससे लोगों की नौकरियों पर भी संकट दिखने लगा है। इससे लोगों को अपना खर्च चलाने में जहां दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, वहीं पूंजी का आभाव भी देखने को मिला है। ऐसे में आपको मंदी से बचने के लिए यह नौ उपाय आजमाए जा सकते हैं, जिससे आप अपने परिवार को मंदी के फंदे से आसानी से निकाल सकेंगे।
इन नौ उपायों को अपनाकर आप बच सकते हैं मंदी की मार से
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म्यूचुअल फंड में जारी रखे एसआईपी
अगर आप म्यूचुअल फंड में किसी भी तरह का एसआईपी के जरिए निवेश कर रहे हैं, तो फिर उसको जारी रखे। किसी भी हालत में इसमें निवेश बंद न करें, क्योंकि ऐसा करने से आपको नुकसान हो सकता है। एनएवी कम होने पर आपको प्रत्येक एसआईपी पर ज्यादा यूनिट्स मिलेंगी। जब बाजार में मंदी का माहौल खत्म हो जाएगा, तो फिर इसका भविष्य में चलकर के बड़ा फायदा मिलेगा।
इन फंड में निवेश करना फायदेमंद
एसआईपी में निवेश के लिए आपको म्यूचुअल फंड में हाइब्रिड फंड, मल्टी असेट फंड और रेग्यूलर हाइब्रिड फंड का इस्तेमाल करना चाहिए। मंदी के दौर में इन फंड में सबसे बढ़िया रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है। इन फंड में सबसे ज्यादा लाभ तीन से पांच साल के बीच मिलता है। वहीं एक साल के लिए आपको केवल बैलेंस हाइब्रिड और इक्विटी सेविंग्स फंड में फायदा मिलेगा।
प्रॉपर्टी में निवेश करने से बचें
मंदी के दौर में कभी भी घर या फिर अन्य तरह की प्रॉपर्टी को खरीदने की कोशिश न करें। फिलहाल बैंक, बिल्डर और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां ज्यादा छूट और कम ब्याज पर लोन देने की पेशकश कर रही हैं। अभी आने वाली कुछ और तिमाही में भी रियल एस्टेट मार्केट की स्थिति में किसी तरह का कोई सुधार नहीं होने वाला है। नाइट फ्रैंक का मानना है कि दिल्ली एनसीआर में अगले तीन साल तक रियल एस्टेट बाजार में किसी तरह का कोई सुधार नहीं दिखने वाला है।
सोने में करें 15 फीसदी तक निवेश
अगर आपने सोने में निवेश नहीं किया है तो फिर कम से कम सैलरी का 15 फीसदी तक इसमें निवेश करना शुरू कर दें। इससे भविष्य में आपको फायदा मिलेगा। वैसे भी सोने की कीमत फिलहाल अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि सोने में निवेश के लिए ज्वैलरी न खरीदें, क्योंकि मेकिंग चार्ज से आपको नुकसान हो सकता है। ऐसे में डिजिटल गोल्ड, ईटीएफ और गोल्ड बांड के जरिए निवेश किया जा सकता है।