अगर भविष्य में कभी वित्तीय परेशानी से नहीं गुजरना है तो आज से ही निवेश शुरू कर दें। ऐसा ज्यादातर फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की ओर से सलाह दी जाती है। निवेश करना भविष्य को सुरक्षित बनाने और रिटायरमेंट को टेंशन फ्री जीने के लिए सबसे बढ़िया विकल्प है।
बचत खाते से बेहतर रिटर्न देगी एसबीआई एन्युटी स्कीम, एकमुश्त राशि निवेश करने से बनेगी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या है एसबीआई की एन्युटी स्कीम?
एसबीआई की इस स्कीम में 36, 60, 84 या 120 महीने के लिए निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम पर ब्याज दर वही होगी, जो चुनी हुई अवधि के लिए टर्म डिपॉजिट के लिए होती है। यानि कि अगर आपने पांच साल के लिए निवेश किया तो आपको पांच साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर लागू होने वाली ब्याज दर के हिसाब से ही ब्याज मिलेगा।
एन्युटी स्कीम के फीचर्स
एसबीआई की सभी शाखाओं से एन्युटी स्कीम में निवेश किया जा सकता है। इसमें कम से कम 25,000 रुपये निवेश करने होंगे। एसबीआई के कर्मचारी और पूर्व कर्मचारी को एक फीसदी ब्याज ज्यादा मिलेगा। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को 0.5 फीसदी ब्याज ज्यादा मिलेगा। एन्युटी का भुगतान डिपॉजिट होने के अगले महीने से निर्धारित तारीख को किया जाएगा। इसका भुगतान टीडीएस काटकर बचत या चालू खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में एन्युटी के बैलेंस जमा राशि के 75 फीसदी तक की राशि का कर्ज मिल सकता है। ध्यान रखें कि बचत खाते से एन्युटी खाते पर बेहतर रिटर्न मिलता है।
निवेश करने से पहले नियम जान लें
इस एन्युटी स्कीम में हर महीने कम से कम एक हजार रुपये निवेश करने का नियम है लेकिन अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। एन्युटी पेमेंट में ग्राहक की तरफ से जमा रकम पर ब्याज लगकर एक तय समय के बाद इनकम बननी शुरू हो जाती है।
हर महीने 10,000 रुपये के लिए कितना करें निवेश?
अगर कोई निवेशक हर महीने दस हजार रुपये की आमदनी चाहता है तो इसके लिए उसे 5,07,965.93 पैसे जमा कराने होंगे। जमा कराई गई राशि पर सात फीसदी की ब्याज दर से रिटर्न मिलेगा। इससे हर महीने निवेशक को दस हजार रुपये आमदनी के तौर पर मिलने की संभावना है।
एन्युटी और रिक्योरिंग डिपॉजिट में क्या बेहतर है?
आमतौर पर मध्यम वर्गीय लोगों के पास एकमुश्त राशि का अभाव रहता है। ऐसे में मिडिल क्लास लोग रिक्योरिंग डिपॉजिट यानि कि आरडी में निवेश करते हैं और अपने भविष्य को सुरक्षित रखते हैं। आरडी में छोटी-छोटी बचत के जरिए रकम को इकट्ठा किया जाता है और फिर इस पर ब्याज इकट्ठा कर निवेशक को राशि वापस कर दी जाती है। यही वजह है कि आम लोगों के बीच एन्युटी स्कीम के मुकाबले आरडी ज्यादा लोकप्रिय है।