करेंसी नोटों की पहचान मोबाइल फोन के माध्यम से करने के लिए सरकार जल्द ही एक व्यवस्था लाने जा रही है। इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को एक विशेष मोबाइल ऐप बनाने की जिम्मेदारी दी है।
इस ऐप को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य दृष्टि बाधितों को नोट पहचानने में सहायता करना है। लेकिन कोशिश यह भी की जा रही है कि इसी से नोटों के असली और नकली होने की पहचान भी हो सके।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, आरबीआई एक ऐसा ऐप बनाने की संभावना तलाश रहा है, जिससे दृष्टि बाधित व्यक्ति भी जान सके कि यह भारतीय नोट है और कितने रुपये का नोट है। उन्होंने आगे कहा कि करेंसी नोट की पहचान से संबंधित ऐप को बनवाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए एजेंसी का चयन होने के बाद पता चलेगा कि ऐप कितने दिन में तैयार होगा।
कैसे करेगा ऐप काम
इस ऐप को खोलकर कैमरे के सामने नोट रखते ही ऐप पहचान कर बोली के माध्यम से बताएगा कि यह भारत का नोट है और कितने रुपये का नोट है। इसके साथ ही कोशिश यह भी रहेगी कि ऐप यूजर को यह जानकारी किसी और तरीके से भी दी जा सके, जिससे अगर कोई दृष्टि बाधित व्यक्ति वधिर हो तो भी उसे नोट की जानकारी मिल आसानी से मिल सके।
102 अरब नोट हैं चलन में
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुताबिक, 31 मार्च, 2019 तक देश में कुल 102 अरब नग करेंसी नोट चलन में थे। अभी एक रुपया के कुछ नोट समेत 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपये के कुल 18 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में हैं।
100 रुपये व उससे अधिक मूल्य के नोट में इंटेग्लिओ प्रिंटिंग बोर्ड तकनीक के पहचान के निशान हैं, जिसे दृष्टि बाधित व्यक्ति छू कर पहचान जाते हैं। लेकिन पुराने नोट में ये निशान घिस जाते हैं, जिनकी पहचान में दृष्टि बाधितों को मुश्किल होती है।