अखिल भारतीय आवास कीमत सूचकांक (एचपीआई) चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 2.8 फीसदी बढ़ा है। 2019-20 की समान तिमाही में यह 3.4 फीसदी बढ़ी थी। आरबीआई के मुताबिक, ये आंकड़े 2020-21 में अप्रैल-जून अवधि के लिए तिमाही आवास कीमत सूचकांक लेनदेन पर आधारित हैं।
आवास कीमत सूचकांक 2.8 फीसदी बढ़ा, जानिए व्यापार जगत की कुछ अहम खबरें
अगस्त में राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का 109 फीसदी
राजस्व में गिरावट और बेतहाशा खर्चों की वजह से अगस्त में राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का 109.3 फीसदी पहुंच गया है। लेखा महानियंत्रक ने बुधवार को आंकड़े जारी कर बताया कि अप्रैल-अगस्त में ही चालू वित्तवर्ष का राजकोषीय घाटा 8,70,347 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
बजट में सरकार ने इसे पूरे साल के लिए 7.96 लाख करोड़ तक सीमित करने का लक्ष्य रखा था। अगस्त, 2019 में राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य का 78.7 फीसदी पहुंचा था। इस साल कोरोना महामारी की वजह से कर वसूली और राजस्व में बड़ी गिरावट आई है, जबकि आर्थिक मदद व पैकेज के रूप में सरकार को खर्च बढ़ाना पड़ा है।
विनिवेश : बीपीसीएल में 16 नवंबर तक आवेदन
सरकार ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने को बोली आवेदन की तिथि 16 नवंबर तक बढ़ाई है। यह चौथी बार है जब आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है। केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले साल नवंबर में 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी। सरकार का लक्ष्य मार्च, 2021 तक इस विनिवेश को पूरा करना है।
10 करोड़ टर्नओवर पर ही मिलेगा टीसीएस : सीबीडीटी
सीबीडीटी ने कहा है कि विक्रेता 1 अक्तूबर से टीसीएस तभी ले सकेंगे, जब उनका बीते वित्तवर्ष में टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा होगा। इस बाबत वित्त कानून, 2020 में किए गए बदलावों को अक्तूबर से लागू किया जा रहा है। अगर खरीदार का सालाना बिल 50 लाख से ज्यादा है, तो उत्पाद विक्रेता 0.1 फीसदी टीसीएस वसूल कर सकेगा।
सरकार ने प्राकृतिक गैस की कीमत 25 फीसदी घटाकर 1.79 डॉलर किया
सरकार ने बुधवार को प्राकृतिक गैस की कीमत 25 फीसदी घटाकर 1.79 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमबीटीयू) तय किया है। आधिकारिक आदेश के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी और ऑयल इंडिया के नामांकन आधार पर उन्हें दिए गए क्षेत्रों से निकलने वाली प्राकृतिक गैस की कीमत 1 अक्तूबर, 2020 से शुरू होने वाली अगली छमाही के लिए अब 1.79 डॉलर प्रति एमबीटीयू होगी। साथ ही मुश्किल गहरे समुद्री क्षेत्रों से निकलने वाली गैस का दाम भी 5.61 डॉलर से घटाकर 4.06 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दिया गया है।