हर नया साल अपने साथ ही एक बेहतर कल का वादा लाता है। इसमें कोई शक नहीं है कि हम यदि वित्तीय रूप से सुदृढ़ होंगे, तो हमारी बेहतर जीवन शैली न सिर्फ इस साल रहेगी बल्कि आगे भी बरकरार रहेगी। वित्तीय स्वतंत्रता की प्राप्ति निर्विवाद रूप से हर व्यक्ति के जीवन के लक्ष्यों की सूची में सबसे ऊपर है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वित्तीय नियोजन के कुछ बुनियादी सिद्धांतों का पालन करके जीवन की गुणवत्ता में नाटकीय बदलाव लाने की सीधी बात हम में से कई समझने में असफल रहे हैं।
2017 में कर सकते हैं अपने लिए ये पांच बड़े वित्तीय फैसले
मशहूर श्रृंखला रिच डैड पुअर डैड के प्रसिद्ध लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा है कि जो लोग स्थायी धन बना पाते है और जो लोग ऐसा करने में विफल रहते है, उनमें बचत के प्रति उनके दृष्टिकोण का फर्क है। दूसरे शब्दों में कहें तो, अमीर पहले बचाते हैं और बाद में खर्च करते हैं, जबकि गरीब पहले खर्च करते हैं और जो शेष रहा उसे बचाते हैं। जीवन शैली पर खर्च करना एक वैध आकांक्षा हैं, लेकिन यह खर्च निश्चित रूप से अपनी बचत की आदत की कीमत पर नहीं होना चाहिए। दूसरों के साथ अपने आप की तुलना और लगातार महंगी, अपने पड़ोसियों के साथ रखने की कोशिश में अक्सर अनियंत्रित खरीद करना अपने भविष्य को स्वयं लूट लेने जैसा और एक बेहतर और सुरक्षित जीवन की संभावना का दांव पर लगाने जैसा है।
बचतकर्ता समुदाय के रूप में हमारा निश्चित लाभ या कोष की गारंटी देने वाले पारंपरिक बचत उपकरणों की दिशा में भारी झुकाव होता हैं। लंबे समय में, यह गंभीर रूप से आप के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। खासकर जब आप अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात जीवन जैसे लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए बचत करते हैं, तब अत्यधिक जोखिम से बचने का यह तरीका चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ और मुद्रास्फीति को मात देनेवाले लाभों से आप को वंचित रखता हैं। ऐसा रिटर्न आपको म्युचूअल फंड जैसे बाजार से जुड़े विकल्प ही दे सकते हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप पूंजी संरक्षण की मानसिकता से मुक्त हो कर धन सृजन मानसिकता को अपना लें।
अपने वित्तीय लक्ष्यों के विवरण का मसौदा तैयार करके 2017 की शुरुआत करें। प्रत्येक लक्ष्य के लिए शेष समय, मुद्रास्फीति दर से समायोजित लक्ष्य राशि और उन्हें प्राप्त करने के लिए मासिक बचत की आवश्यकता, इसका विवरण स्पष्ट होना चाहिए। लंबी अवधि के लक्ष्यों की आपकी सूची में शीर्ष स्थान पर अपने बच्चों की शिक्षा और सेवानिवृत्ति पश्चात जीवन के लिए योजना का होना महत्वपूर्ण होगा। लक्ष्य का निर्धारण कतई निरर्थक बात नहीं है बल्कि यह वास्तव में लंबी अवधि के लाभ को मूर्त रूप देने का एक चिकित्सकीय व्यायाम है। इससे स्वचालित रूप से उचित समय क्षितिज के साथ अपने निवेश के चयन किया जाता है। इतना ही नहीं बल्कि एक लंबी अवधि के लिए आपकी मानसिकता को सुनिश्चित किया जाता है ताकि आप बाजार के उतार-चढ़ाव से बहक जाने से भी बच सकें। अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए म्युचूअल फंड में सिप -सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान- द्वारा निवेश अब तक का सबसे अच्छा तरीका रहा हैं।
अपने निवेश की गति बढ़ाएं
जब निवेश की बात आती है, तब याद रहे कि अच्छी शुरूआत आधी मंजिल को पाने जैसा है। सही विकल्प का चयन उसमें एक शुरुआत बनाने का सरल कार्य सबसे ज्यादा मायने रखता है और अपनी आय में वृद्धि के साथ हर साल सख्ती से अपनी निवेश की गति बढ़ाते रहना जरूरी है। उदाहरण के लिए, भले ही यदि आप प्रति माह 10000 रुपए की राशि अपनी सेवानिवृत्ति की दिशा में एक म्युचूअल फंड सिप में इस साल से निवेश शुरू करें, लेकिन यह निवेश अगले 25 साल तक हर साल के लिए प्रतिवर्ष 10 फीसदी या एक उचित मात्रा में बढ़ते रहना चाहिए।