अंतरिक्ष के बारे में हम सब जानना चाहते हैं। कई लोग अंतरिक्ष की यात्रा करने का भी अरमान रखते हैं। लेकिन अंतरिक्ष में जाना इतना भी आसान नहीं। क्या आप जानते हैं अंतरिक्ष के बारें में कुछ बातें:
दुनिया में एक जगह ऐसी है जहां टूथपेस्ट मुंह से निकालते नहीं बल्कि निगलते हैं
माइक्रो ग्रेविटी के कारण मनुष्य की रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव आप पर नहीं होता। इस वजह से आप अंतरिक्ष में करीब 5cm तक लंबे हो सकते हैं।
अंतरिक्ष में आप सामान्य रूप से नहीं चल सकते। अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स के पैरों की त्चचा नर्म होती जाती है और उखड़ने लगती है। अंतरिक्ष यात्रियों को एक ही जुराब कई दिन तक पहनने पड़ते हैं। उन्हें अपनी जुराब संभाल कर निकालनी पड़ती है, वर्ना पैरों की त्वचा उसके साथ ही निकल सकती है।
दुनिया में एक जगह ऐसी है जहां टूथपेस्ट मुंह से निकालते नहीं बल्कि निगलते हैं
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि अंतरिक्ष बहुत ज्यादा दूर नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार, धरती से 100 किलोमीटर ऊपर जाने पर अंतरिक्ष शुरू हो जाता है। सुनने में अजीब लगे मगर धरती से अंतरिक्ष की दूरी दिल्ली और जयपुर की दूरी से बहुत कम है।
दुनिया में एक जगह ऐसी है जहां टूथपेस्ट मुंह से निकालते नहीं बल्कि निगलते हैं
अगर आप अंतरिक्ष में जाएंगे तो जान पाएंगे अंतरिक्ष पूरी तरह से शांत है। वहां किसी भी हलचल की कोई आवाज नहीं आती। इसका कारण यह है कि अंतरिक्ष में हवा का दबाव बिल्कुल नहीं होता। इस वजह से आपको अंतरिक्ष में कोई नहीं सुन सकता।
दुनिया में एक जगह ऐसी है जहां टूथपेस्ट मुंह से निकालते नहीं बल्कि निगलते हैं
यदि आप अंतरिक्ष में जाएं और खुशी के मारे आपकी आंखे भर आई तो ध्यान दें। अंतरिक्ष में आपके आंसु नहीं गिर सकते। आपके आंसू की बूंदे आंखों पर ही इकट्ठी होती जाएंगी पर गिरेंगी नहीं। इस वजह से आपके आंखों, कान और नाक के आस पास छोटे छोटे बुलबुले बन जाएंगे।
अंतरिक्ष में दांत साफ करने के लिए ब्रश को गीला करना आवश्यक है और क्योकि ब्रश पर लगा पानी नीचे नहीं गिरता आपको उसे पीना पड़ता है। फिर पेस्ट लगा कर दांत साफ करना होते हैं। उसके बाद आपको पेस्ट निगलना पड़ता है।