{"_id":"59f579a34f1c1b60678b7f3e","slug":"this-babiya-crocodile-become-the-guard-of-kerala-anantapur-lake-temple","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"150 सालों से मंदिर की रखवाली कर रहा है ये मगरमच्छ, प्रसाद खाकर भरता है पेट ","category":{"title":"World of Wonders","title_hn":"ऐसा भी होता है","slug":"world-of-wonders"}}
150 सालों से मंदिर की रखवाली कर रहा है ये मगरमच्छ, प्रसाद खाकर भरता है पेट
amarujala.com- Presented by : शिप्रा सक्सेना
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:41 PM IST
विज्ञापन
मंदिर
अपने शिकार को छोड़ना मगरमच्छ की फितरत में शामिल नहीं है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अनोखे मगरमच्छ के बारे में बताने जा रहे हैं जो सिर्फ मंदिर का प्रसाद खाकर ही अपना पेट भरता है।
मगरमच्छ
ये लाइन भले ही आपको थोड़ी अजीब जरुर लगे लेकिन ये कोई कहानी नहीं बल्कि केरल के अनंतपुर लेक टेम्पल में रहने वाले मगरमच्छ बबिया की असलियत है।
पढ़ें- अपने इस कारनामे से पूरी दुनिया में मशहूर हो गया ये एयरपोर्ट कर्मी, वायरल हो रहा वीडियो
पढ़ें- अपने इस कारनामे से पूरी दुनिया में मशहूर हो गया ये एयरपोर्ट कर्मी, वायरल हो रहा वीडियो
मंदिर
वहां रह रहे लोगों का कहना है कि बबिया नाम का मगरमच्छ बीते कई सालों से लेक टेम्पल की रखवाली का करता है। वो स्वभाव से बेहद शांत है और खाने में पूरी तरह से शाकाहारी है।
पढ़ें- ये है दुनिया की सबसे महंगी सैंडल, कीमत जानकर रह जाएंगे दंग
पढ़ें- ये है दुनिया की सबसे महंगी सैंडल, कीमत जानकर रह जाएंगे दंग
विज्ञापन
विज्ञापन
मगरमच्छ
इस बारे में मंदिर प्रशासन का कहना है कि बीते 150 सालों से इस तालाब में मगरमच्छ दिख रहे हैं, मगर एक बार में सिर्फ एक मगरमच्छ ही दिखाई देता है। एक मगरमच्छ के मरने पर दूसरा अपने आप ही आ जाता है।
पढे़ं- सोशल मीडिया पर वायरल हो रही नवयुगल की ये तस्वीरें, जानिए क्या है मामला
पढे़ं- सोशल मीडिया पर वायरल हो रही नवयुगल की ये तस्वीरें, जानिए क्या है मामला
विज्ञापन
मगरमच्छ
मंदिर प्रशासन के मुताबिक बबिया के खाने का समय भी फिक्स है। दोपहर की पूजा के बाद बबिया चावल और गुड़ का बना प्रसाद ही खाता है।