Female Naga Sadhu: उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में हर साल माघ मेले का आयोजन होता है। माघ पूर्णिमा के स्नान के साथ माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है जिसका समापन महाशिवरात्रि के दिन होगा। डेढ़ माह तक चलने वाले माघ मेले में गंगा-यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए लोगों की भीड़ जुटती है। माघ मेले के दौरान न सिर्फ श्रद्धालु बल्कि बड़ी संख्या में साधु-संत संगम में स्नान करने के लिए मीलों दूर से आते हैं।
Woman Naga Sadhu: बेहद रहस्यमयी है महिला नागा साधुओं की दुनिया, जानिए इनसे जुड़ी हैरान करने वाली बातें
नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया के बारे में सभी लोगों ने जरूर सुना होगा। लेकिन महिला नागा साधुओं का जीवन सबसे निराला और अलग होता है। गृहस्थ जीवन से दूर हो चुकीं महिला नागा साधुओं की दिन की शुरुआत और अंत दोनों पूजा-पाठ के साथ ही होती है। इनका जीवन कई तरह की कठिनाइयों से भरा होता है। नागा साधुओं को दुनिया से कोई मतलब नहीं होता है और इनकी हर बात निराली होती है।
अखाड़े बनाते हैं नागा साधु
महिला नागा साधु बनने के बाद सभी साधु-साध्वियां उन्हें माता कहकर पुकारती हैं। माई बाड़ा में महिला नागा साधु होती हैं जिसे अब विस्तृत रूप देने के बाद दशनाम संन्यासिनी अखाड़ा का नाम दिया गया है। साधु-संतों में नागा एक पदवी होती है। साधुओं में वैष्णव, शैव और उदासीन संप्रदाय हैं। इन तीनों संप्रदायों के अखाड़े नागा साधु बनाते हैं।
पुरुष नागा साधु नग्न रह सकते हैं, लेकिन महिला नागा साधु को इसकी इजाजत नहीं होती है। पुरुष नागा साधुओं में वस्त्रधारी और दिगंबर (निर्वस्त्र) होते हैं। महिलाओं को भी दीक्षा दी जाती है और नागा बनाया जाता है, लेकिन वह सभी वस्त्रधारी होती हैं। महिला नागा साधुओं को अपने मस्तक पर तिलक लगाना जरूरी होता है। लेकिन वह गेरुए रंग का सिर्फ एक कपड़ा पहन सकती हैं जो सिला हुआ नहीं होता है। इस वस्त्र को गंती कहा जाता है।
Predictions 2023: पांच भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियां, जो पूरी तरह हुईं सच, जानें 2023 में क्या होने वाला है
महिला नागा साधुओं के बनने की प्रक्रिया के बारे में जानने के बाद आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। महिला नागा साधुओं की जिंदगी बेहद कठिन होती है। नागा साधु बनने कि लिए इनको कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है। नागा साधु या संन्यासनी बनने के लिए 10 से 15 साल तक कठिन ब्रह्मचर्य का पालन करना जरूरी होता है। नागा साधु बनने लिए अपने गुरु को यकीन दिलाना होता है कि वह इसके योग्य हैं और अब ईश्वर के प्रति समर्पित हो चुकी हैं। इसके बाद गुरु नागा साधु बनने की स्वीकृति देते हैं।
Optical Illusion: क्या आप 10 सेकेंड के अंदर सांप और भेड़िया को ढूंढ सकते हैं? 99 फीसदी लोग हो चुके हैं फेल