{"_id":"5a4b7b704f1c1bc20a8b609b","slug":"whistled-language-use-for-chat-in-this-village","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दुनिया का एक ऐसा गांव जहां सीटी मारने पर ही सुनती हैं युवतियां, ऐसे ही देती हैं जवाब","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
दुनिया का एक ऐसा गांव जहां सीटी मारने पर ही सुनती हैं युवतियां, ऐसे ही देती हैं जवाब
बिजार डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:57 AM IST
विज्ञापन
DEMO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या आप यकीन करेंगे कि धरती पर एक ऐसा अनोखा गांव है जहां सीटी मारने पर युवतियां सुनती हैं और फिर पलटकर ऐसे ही जवाब देती हैं। हैरानी हुई न जानकर....
DEMO
हैरानी हो भी क्यों नहीं, दुनिया में जहां महिला को सीटी से एलर्जी होती है और मिनटभर में ऐसी किसी की ऐसी हरकत पर उनका पारा हाई हो जाता है वहीं इस गांव में महिलाओं को इस पर बुरा नहीं लगता। ताज्जुब है....
DEMO
दरअसल दुनियाभर में हजारों भाषाएं बोलकर बात की जाती हैं, लेकिन इस गांव में बात करने के लिए विसल(सीटी) ही लैंग्वेज है।
ये अनोखी भाषा यहां 'बर्ड लैंग्वेज' कहलाती है। उत्तरी तुर्की में काले सागर के क्षेत्र के पास 'कुसको' नामक अपनी इस खास भाषा का लिए विख्यात है।
जी हां, यहां गांववाले सीटी बजाकर आपस में बातचीत करते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि लोग जब सीटी बजाते होंगे तो ये कैसे समझ में आता होगा कि कौन किसको बुला रहा है और किस से बात करना चाह रहा है..? गांव में तो बहुत से लोग रहते होंगे।
ये अनोखी भाषा यहां 'बर्ड लैंग्वेज' कहलाती है। उत्तरी तुर्की में काले सागर के क्षेत्र के पास 'कुसको' नामक अपनी इस खास भाषा का लिए विख्यात है।
जी हां, यहां गांववाले सीटी बजाकर आपस में बातचीत करते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि लोग जब सीटी बजाते होंगे तो ये कैसे समझ में आता होगा कि कौन किसको बुला रहा है और किस से बात करना चाह रहा है..? गांव में तो बहुत से लोग रहते होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
SCREEN SHOT
आपको जानकर हैरानी होगी कि गांववालों ने यहां सीटी के तरीको में ही एक-दूसरों को नाम दिए हुए हैं। सबके नाम अलग-अलग तरीकों की सीटी की आवाज पर रखें गए हैं।
विज्ञापन
screen shot
सिर्फ इतना ही नहीं बात कहने के लिए भी सांकेतिक सीटी को ही भाषा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बड़े कमाल की बात ही कि इस गांव में सदियों से इस भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। गांव के लोगों को यह भाषा उनके पूर्वजों से मिली है।