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दुनिया में इकलौता महाद्वीप जहां भगवान मर्द और औरत हैं, बड़ी दिलचस्प है कहानी

Thu, 06 Sep 2018 09:28 AM IST
फ्लॉर मैक्डोनल्ड, बीबीसी ट्रैवल
फ्लॉर मैक्डोनल्ड, बीबीसी ट्रैवल Updated Thu, 06 Sep 2018 09:28 AM IST
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The only continent in the world where man and woman is God
benin
अफ्रीका दुनिया का ऐसा महाद्वीप है जहां आदिवासियों की तादाद सबसे ज्यादा है। हालांकि अफ्रीका के बहुत से देश काफी तरक्की कर चुके हैं फिर भी जिंदगी जीने का तरीका बहुत हद तक जनजतियों जैसा है। पुरातन समाज होने के बावजूद कई अफ्रीकी कबीलों में महिलाओं को मर्दों के बराबर ही माना जाता है। यहां महिला योद्धाओं का लंबा इतिहास रहा है। ये प्रथा आज भी जारी है।


अफ्रीकी देश बेनिन में एक वक्त दाहोमे राज्य था और इनकी राजधानी थी अबोमे। कहा जाता है कि इस राज्य की बागडोर महिलाओं के हाथ में थी। सुरक्षाकर्मियों से लेकर फौज तक का जिम्मा महिलाओं के पास था। इन महिला योद्धाओं को अमेजोन्स कहा जाता है।

आज भी यहां के कबीले की सबसे बुजुर्ग महिला को राज्य की जिम्मेदारी सौंपी जाती है और दूसरी सभी महिलाएं उसकी रक्षा करती हैं। हालांकि, आधुनिकता की बयार ने पुराने कबीलों के तमाम रिवाज बदल डाले हैं। मगर दाहोमे शहर और आस-पास के इलाकों में अब भी तमाम जिम्मेदारियां महिलाएं ही निभाती हैं।

बेनिन की लोककथाओं के मुताबिक, दाहोमे राज्य पश्चिमी अफ्रीका में 1625 से लेकर 1894 तक रहा। इस राज्य की मुख्य ताकत थी बहादुर और निडर महिला योद्धाओं की सेना जो किसी से भी लोहा लेने में पीछे नहीं रहती थी।
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महिला योद्धाओं की टुकड़ी आज भी
कहा जाता है कि 1892 में जब फ्रांस के साथ लड़ाई हुई तो इन महिला योद्धाओं ने डटकर उनका मुकाबला किया। 434 महिला योद्धाओं में से महज 17 ही जिंदा बची थीं। ये और बात है कि इस लड़ाई के बाद दाहोमे राज्य फ्रांस का उपनिवेश बन गया था। इन योद्धाओं ने यूरोप और पड़ोसी जनजातियों को कभी अपने राज्य में दाखिल नहीं होने दिया। दाहोमे की रियासत के वारिस आज भी बेनिन में रहते हैं।

कहते हैं कि दाहोमे की इन महिला योद्धाओं की सेना की बुनियाद महारानी हैंगबे ने रखी थी। हैंगबे ने अठारहवीं सदी में अपने जुड़वां भाई अकाबा की मौत के बाद राजपाट संभाला था, लेकिन कुछ ही समय बाद छोटे भाई अगाजा ने उसे गद्दी से हटा दिया। मौजूदा रानी के मुताबिक अगाजा ने हैंगबे के जमाने की तमाम निशानियों को तहस-नहस कर दिया।

अगाजा मर्दवादी था। उसे लगता था कि राज करने का हक सिर्फ मर्दों का है। उसने औरतों के शासनकाल की तमाम निशानियों को मिटा दिया। इसीलिए कुछ इतिहासकार भी रानी हैंगबे के वजूद के बारे में पुख्ता तौर पर जिक्र नहीं करते। इसके बावजूद रानी हैंगबे की विरासत और महिला योद्धाओं की टुकड़ी रखने का चलन आज भी जिंदा है। अमेजोन्स के वजूद को लेकर कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। कुछ का कहना है कि ये हाथियों का शिकार करती थीं लेकिन इन्हें इंसानों के शिकार में भी महारत हासिल थी। वहीं एक अन्य थ्योरी के मुताबिक अमेजोन्स शाही सुरक्षाकर्मी थीं, जो महारानी हैंगबे और उसके बाद के शासकों की भी सुरक्षा गार्ड बनती रहीं।

1818 से 1858 तक राजा घीजो ने दाहेमो राज्य की बागडोर संभाल रखी थी और उसी ने अमेजोन्स को अपनी फौज में आधिकारिक रूप से शामिल किया था। इस कदम के पीछे भी एक बड़ी वजह थी। अफ्रीकी जनजातियों के मर्दों को बड़े पैमाने पर यूरोपियन अपने यहां गुलाम बना लेते थे। ऐसे में अफ्रीकी समाज में मर्दों की कमी होने लगी थी। मर्दों की जिम्मेदारियों का भार भी महिलाओं पर आ गया था।
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भगवान जो मर्द और औरत है
बेनिन के लोगों का धर्म वुडन है और इनका देवता है मावु-लिसा जो मर्द और औरत दोनों है। माना जाता है कि इसी देवता ने सृष्टि का सृजन किया है। इसीलिए मर्द और औरत में कोई भेद नहीं किया गया और सभी क्षेत्रों में उनकी बराबर भागीदारी रही, लेकिन राज्य की कमान किसी मर्द के हाथ में ही थी। बहुत से यूरोपियन ग़ुलामों के सौदागर, मिशनरी और उपनिवेशवादियों के दस्तावेज़ों में अमेजोन्स का जिक्र मिलता है जो निडर योद्धा के तौर पर उनका बखान करते हैं।

इटली के एक धार्मिक गुरु फ्रांसिस्को बोरघेरो 1861 के एक सैन्य अभियान का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि हजारों की संख्या में महिला योद्धाओं से उनका सामना हुआ था। इनमें से बहुत महिला सिपाही 120 मीटर ऊंचे खारदार बबूल पर उफ किए बिना नंगे पैर चढ़ गईं और आखिरी दम तक वार करती रहीं।

19वीं शताब्दी में जिन यूरोपियन लोगों ने दाहेमो राज्य का दौरा किया था वो सभी ग्रीक योद्धाओं के बाद अफ्रीकी अमेजोन्स को ही सबसे ज्यादा बहादुर मानते हैं। आज के इतिहासकार अमेजोन्स के वजूद का जिक्र करने लगे हैं। वो इनके लिए मिनो शब्द का इस्तेमाल करते हैं जिसका मतलब है हमारी मां, लेकिन लियोनार्ड वांचिकोन इससे इत्तिफाक नहीं रखते। उनके मुताबिक मिनो का मतलब है चुड़ैल। लियोनार्ड बेनिन में ही पैदा हुए हैं और फिलहाल प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में राजनीति के प्रोफेसर हैं।

आज दाहेमो राज्य तो नहीं है, लेकिन रानी हैंगबे और उनके अमेजोन्स आज भी हैं। इनका जिक्र पूजा-पाठ में होता है। धार्मिक समारोहों में ही रानी और अमेजोन्स शाही अंदाज में नजर आती हैं। लेकिन आज भी जब रानी चलती है तो उसकी महिला सुरक्षाकर्मी उसके साथ छाता लेकर चलती है जिस पर कशीदाकारी से रानी हैंगबे लिखा रहता है। 18वीं और 19वीं सदी में ये छाते सादा होते थे। उस पर कहीं-कहीं पशु-पक्षियों के चित्र बने होते थे साथ ही इस पर हराए गए दुश्मनों की हड्डियां सजी होती थीं। चूंकि दाहेमो राज्य आदिवासियों के इलाके में था, लिहाजा वहां रानी का महल भी बहुत फूहड़ अंदाज से बनाया जाता था। महल की दीवारों पर जंग में इस्तेमाल होने वाले हथियारों की तस्वीरें उकेरी हुई हैं।
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इंसानी खोपड़ी हो सकती है ट्रॉफी
इस राज्य में प्रथा थी कि हरेक नया राजा अपने पूर्वजों के महल के साथ ही अपने लिए नया महल बनाएगा। पुराने राजा के महल को म्यूजियम बना दिया जाता था। हालांकि, दाहेमो राज्य के अंतिम शासक बेहानजिन ने फ्रेंच योद्धाओं के पहुंचने से पहले अपने महल में आग लगा ली थी। फिर भी उसके कुछ अवशेष बाकी हैं जिन पर यूनेस्को का बोर्ड लटका है।

इन अवशेषों पर की गई नक्काशी बताती है कि अमेजोन्स कैसे लाठी का इस्तेमाल करती थीं और कैसे बंदूकों, चाकू छुरियों का इस्तेमाल कर दुश्मन को पछाड़ देती थीं। महल की एक अल्मारी से इंसानी खोपड़ी में घोड़े की दुम रखी पाई गई है। इसके बारे में कहा जाता है कि ये एक तरह की ट्रॉफी थी जिसे एक अमेजोन ने अपने सम्राट को सौंपा था। इसका इस्तेमाल मक्खीमार के तौर पर होता था।

अमेजोन्स की कहानी हमेशा ही प्रेरणा देती रही है। हो सकता है 2018 में आई फिल्म ब्लैक पैंथर भी इन्हीं से प्रभावित होकर बनाई गई हो। डॉ. ऑर्थर वीडो का कहना है कि अफ्रीका में महिलाओं का इतिहास बदलता रहा है। कुछ इतिहासकार अमेजोन्स के इतिहास को शौर्य और वीरता का इतिहास बताते हैं जबकि कुछ इतिहासकारों का मत है कि अमेजोन्स वही करती थीं जो एक योद्धा को करना चाहिए। लिहाजा उनका रोल बहुत बढ़ा-चढ़ा कर नहीं बताया जाना चाहिए। प्रोफेसर वान्चेकोन का कहना है कि अमेजोन आत्म निर्भर होती थीं। वो अपने फैसले खुद करती थीं। साथ ही वो दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा का जरिया थीं। इसीलिए मौजूदा वक्त में भी अमेजोन्स का किरदार अफ्रीकी समाज के लिए काफी अहम है।
 
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