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इस जंगल में आते ही कटने लगती है बड़ी से बड़ी बीमारी, रहस्य जानकर आपको भी होगी हैरानी
द ट्रैवल शो, बीबीसी
Updated Thu, 06 Sep 2018 08:42 AM IST
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तनाव आज दुनिया भर के लिए एक बड़ा मसला है। डॉक्टरों के मुताबिक तनाव ही तमाम बीमारियों की जड़ है। इससे जितना दूर रहा जाए उतना अच्छा। लेकिन, नए दौर के रहन-सहन ने हम सभी को तनाव का गुलाम बना दिया है। तनाव मुक्त रहने के लिए लोग तरह-तरह की दवाएं खाने लगे हैं। कोई मेडिटेशन कर रहा है तो कोई योग। लेकिन, जापान के लोग तनाव मुक्त होने के लिए क़ुदरत की शरण में जा रहे हैं।
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यहां लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए जंगलों में फॉरेस्ट थेरेपी दी जा रही है। फॉरेस्ट गाइड और थेरेपिस्ट तस्योशी मसुजावा का कहना है कि जापान की राजधानी टोक्यो में तनाव से दूर रहने और प्रकृति के नजदीक आने का मंत्र और खजाना दोनों हैं।
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टोक्यो कुदरती खूबसूरती से लबरेज है। यहां के जंगलों में हर बीमारी का इलाज मौजूद है। यहां कई तरह की जड़ी-बूटियां मिल जाती हैं। इनका स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन ये बीमारी को जड़ से खत्म करने की ताकत रखती हैं। इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कई तरह की दवाएं बनाने में भी होता है।
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टोक्यो के इन जंगलों में तनाव मुक्त होने के लिए लगभग पूरे जापान से लोग आते हैं। इनमें बड़ी तादाद ऑफिस कर्मचारियों की होती है। पूरे जापान के जंगलों में करीब 62 थेरेपी सोसाइटी हैं, जो यहां लोगों की मदद करती हैं। इस थेरेपी के तहत लोग खुली हवा में गहरी सांस लेते हैं, मेडिटेशन करते हैं।
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परिंदों की चहचहाहट भी थेरेपी
तस्योशी मसुजावा कहते हैं अगर सुबह सवेरे उठकर सिर्फ परिंदों की चहचहाहट सुनी जाए तो वो भी एक थेरेपी की तरह ही काम करती है। सुबह के वक्त पेड़ों पर जब परिंदे शोर मचाते हैं, तो लगता है कि वो आपस में बातें कर रहे हैं। इनकी ये बातें इंसानों का दिल बहलाती हैं और तनाव दूर करती हैं। खुद को तंदुरुस्त रखने का जापानियों का ये तरीका दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रहा है।
तस्योशी मसुजावा कहते हैं अगर सुबह सवेरे उठकर सिर्फ परिंदों की चहचहाहट सुनी जाए तो वो भी एक थेरेपी की तरह ही काम करती है। सुबह के वक्त पेड़ों पर जब परिंदे शोर मचाते हैं, तो लगता है कि वो आपस में बातें कर रहे हैं। इनकी ये बातें इंसानों का दिल बहलाती हैं और तनाव दूर करती हैं। खुद को तंदुरुस्त रखने का जापानियों का ये तरीका दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रहा है।