बात जब अरबपति आसामी की हो रही हो तो आप सबसे पहले उनके लाइफस्टाइल के बारे में सोचेंगे। उस वक्त आपके जहन में बड़ा सा बंग्ला, चमचमाती कारें, कई नौकर-चाकर, मोटा बिजनेस और बैंक बैलेंस जैसी तमाम चीजें उभर कर आने लगती हैं। आप तो यही सोचते होंगे न कि इनकी छोटी से छोटी खुशी का मौका भी इतना स्पेशल होता होगा जिसमें दिल खोलकर खर्च किया जाता है। लेकिन दोस्तों आज हम आपको देश के दो ऐसे फेमस करोड़पतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने जीवन के खास मौके के लिए एक मंदिर को चुना। सबसे पहले आपको बता दें ये कोई और नहीं इनमें एक हैं रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और दूसरे हैं पीरामल खानदान का वारिस आनंद पीरामल।
अरबपति अंबानी की बेटी ईशा को प्रपोज करने के लिए आनंद ने क्या चुना, एक 'मंदिर', गजब
मीडिया रिपोर्टों की मानें तो दोनों की शादी फिक्स होने की खबरें सामने आ रही हैं। यह भी पता चला है कि दोनों की शादी दिसम्बर 2018 में होगी। ये राज की बात कम ही लोग जानते होंगे, ईशा अंबानी और आनंद पीरामल काफी लंबे समय से दोस्त हैं। दोनों परिवार एक-दूसरे को पिछले चार दशक से जानते हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आनंद ने ईशा को जब शादी के लिए प्रपोज किया तो उन्होंने इसके लिए एक मंदिर को चुना था।
जी हां, पीरामल ने महाबलेश्वर के मंदिर में ईशा के सामने शादी का प्रपोजल रखा। बहुत से लोग अंबानी खानदान के होने वाले दामाद आनंद पीरामल का नाम पहली बार सुन रहे होंगे। चलिए आपको विस्तार से बताते हैं आखिर कौन है आनंद पीरामल...
बता दें कि आनंद देश के जाने-माने बिजनेस मैन सेठ पीरामल के प्रपौत्र एवं बिजनसमैन अजय पीरामल के बेटे हैं। मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं के बगड़ कस्बे के रहने वाला यह लड़का अब भारत के सबसे अमीर व्यक्ति की बेटी ईशा अंबानी से शादी करेगा। महाबलेश्वर मंदिर में जब दोनों ने एकदूजे से शादी का फैसला लिया तो परिवारजनों ने साथ में लंच किया। आनंद पीरामल ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएशन किया है। फिलहाल, वह पीरामल एंटरप्राइज के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। यूएस से बिजनेस स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दो स्टार्टअप्स शुरू किए। पहला हेल्थकेयर स्टार्ट अप था, जिसका नाम पीरामल ई-स्वास्थ्य था जबकि दूसरा स्टार्ट अप रिएल एस्टेट का था। इसे उन्होंने पीरामल रिएलटी का नाम दिया। दोनों पीरामल एंटरप्राइजेज का हिस्सा है।
वहीं बात करें ईशा की तो वह रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के बोर्ड में शामिल है। उनके पास येल यूनिवर्सिटी से साइकोलॉजी और साउथ एशियन स्टडीज में बैचलर डिग्री है। वो जून में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस, स्टेनफोर्ड से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोग्राम में मास्टर्स भी कर लेंगी। सोशल मिडिया में ईशा अंबानी के साथ आनंद पीरामल के रिश्ते की खबर तेजी से फैल रही है। उधर बगड़ कस्बे में खुशी का माहौल देखते ही बन रहा था। हर नुक्कड़-चौराहों, चाय पानी की दुकानों पर इसी बात को लेकर लोग चर्चा करते नजर आए तो कुछ ने बगड़ के लिए व्यापार की दृष्टि से शुभ संकेत बताया।
आनंद के परदादा सेठ पीरामल ने आजादी से पहले शेखावाटी क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाई थी। दरअसल, आनंद के दादा गोपीकृष्ण ने कस्बे में बीएड कॉलेज का निर्माण करवाया था, जिसमें पढ़ने के लिए दूर-दूर से आज भी छात्र-छात्राएं आते हैं। हाल ही में आनंद उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने मुकेश अंबानी को उन्हें व्यवसायी बनने के लिए प्रेरणा देने के लिए शुक्रिया कहा था। मुंबई में एक कार्यक्रम में बात करते हुए आनंद ने कहा था कि मैंने उनसे पूछा था कि मुझे कंसल्टिंग में जाना चाहिए या बैंकिंग में उसके जवाब में उन्होंने कहा था कि कंसल्टेंट होने का मतलब है कि, जैसे आप क्रिकेट देख रहे हैं या कमेंट्री कर रहे है, जबकि व्यवसायी बनने का मतलब है कि आप क्रिकेट खेल रहे हैं। आप कंमेंट्री करके क्रिकेट खेलना नहीं सीख सकते। अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो व्यवसायी बनें और अभी से इसकी शुरुआत करें।