हमारी दुनिया बहुत बड़ी है जहां तरह-तरह के अजीबो-गरीब रहस्य भरे पड़े हैं। कुछ को तो सुलझा लिया गया लेकिन सैकड़ों रहस्य आज भी अनसुलझे हैं। जिन्हें सुलझाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया।
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patal bhuvaneshwar cave temple
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ऋषि-मुनियों और अवतारों की भूमि 'भारत' एक रहस्यमय देश है। भारत में ऐसे कई स्थान हैं जिनका आज भी रहस्य बरकरार है। वैसे तो दुनियाभर में ऐसी कई गुफाएं हैं, जोकि अपने आपमें अद्भुत रहस्य और अनोखी खासियत के लिए मशहूर हैं। आपने भी ऐसी कई रहस्मयी गुफाओं बारे में सुना होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसी गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं।
दरअसल, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा भक्तों की आस्था का केंद्र है। यह गुफा विशालकाय पहाड़ी के करीब 90 फीट अंदर है। यह गुफा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध नगर अल्मोड़ा से शेराघाट होते हुए 160 किलोमीटर की दूरी तय कर पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमांत कस्बे गंगोलीहाट में स्थित है। पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि इस गुफा में मौजूद पत्थर से पता लगाया जा सकता है कि दुनिया का अंत कब होगा। इस गुफा की खोज भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त अयोध्या के राजा ऋतुपर्ण ने की थी।
बताया जा रहा है कि इस गुफा के अंदर भगवान गणेश का कटा हुआ सिर रखा हुआ है और साथ ही दुनिया के अंत का भी रहस्य छुपा है। इस गुफा के अंदर जाने मे कई कठिनाई आती है। इस गुफा के अंदर जाने पर कई अन्य गुफा और मिलती हैं। इस गुफा के अंदर काफी अंधेरा है लेकिन अब लाइट की व्यवस्था कर दी गई है।
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Patal bhuvaneshwar
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इस गुफा के अंदर 180 सीढ़िया पार करने पर एक अलग ही नजारा दिखता है। गुफा के अंदर जाते ही एक कमरा मिलता है, जिसमें करीब 33 हजार देवी देवता की मूर्तियां हैं, यहां पर बहता पानी भी मिलता है। बताया जाता है कि इस गुफा में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजी की जाती है।