दो साल पहले ब्लू वेल चैलेंज की वजह से दुनियाभर के मां-बाप दहशत में थे। रूस से शुरू हुए इस खूनी खेल की वजह से सैकड़ों बच्चों की जान चली गई थी। अब उसी तर्ज पर एक और खेल सोशल मीडिया पर अपने पांव पसार रहा है। नाम है मोमो व्हॉट्सऐप चैलेंज। यह एक सुसाइड गेम है।
बच्चों के फोन और कंप्यूटर पर रखें नजर, कहीं वो भी ना हो जाएं Momo WhatsApp गेम का शिकार...
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क्या है मोमो चैलेंज?
व्हाट्सऐप पर एक नंबर वायरल हो रहा है। इस नंबर की प्रोफाइल फोटो में एक भयानक शक्ल वाली लड़की नजर आ रही है और इसने अपना नाम मोमो रखा है। सबसे पहले इसे फेसबुक पर देखा गया। अजीब सी शक्ल की वजह से कुछ लोग इसके प्रति आकर्षित हुए और उसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जो भी इस प्रोफाइल वाले यूजर से बात करता है, वह आत्महत्या की ओर बढ़ने लगता है।
कौन है यह लड़की?
मोमो की फोटो जापान के म्यूजियम में रखी एक गुड़िया की आकृति से प्रेरित है। इस मूर्ति को जापानी कलाकार Midori Hayashi ने बनाया था। यही वजह है कि माना जा रहा है इस खेल की शुरुआत जापान से हुई। हालांकि, अमेरिका में जो नंबर सर्कुलेट हो रहे हैं, वे मैक्सिको और ब्राजील के हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खेल की आड़ में साजिश रची जा रही है। लोगों के मन में खौफ पैदा करने के इरादे से ऐसे गेम को डिजाइन किया गया है। इससे सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है क्योंकि वे सही-गलत, सच्चाई और कल्पना में फर्क समझने में कमजोर होते हैं। वे खुद को महफूज नहीं रख सकते, उन्हें बहकाना और डराना भी सबसे आसान होता है।
सबसे पहले तो बच्चे को इस चैलेंज के बारे में बताएं, इससे पहले कि कोई और उन्हें बहकाने की कोशिश करे। साथ ही उन्हें यह भी समझाएं कि वह किसी भी अनजान शख्स से बात ना करें। जब भी आपका बच्चा फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहा हो, उस पर नजर रखें। फोन और पीसी में बढ़िया एंटी वायरस लगाएं। इन सबके अलावा, वक्त-वक्त पर उनसे बात करें और पूछें कि कहीं उन्हें कोई दुख या तकलीफ तो नहीं।
यह खबर अपने परिवारवालों से भी शेयर करें। आपका इन घटनाओं पर क्या सोचना है, कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।