जब 'देशभक्ति-जनसेवा' की बात आती है, तो उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाले डॉक्टर अजय चौधरी का जिक्र जरूर होता है। क्योंकि वह जब आर्मी ज्वाइन नहीं कर सके, तो इन्होंने जवानों और उनके परिवार की सेवा करने की अनूठी मुहिम शुरू कर दी। डॉक्टर अजय चौधरी के क्लीनिक के बाहर लगी सूचना देखकर हर कोई उनका मुरीद हो जाता है।
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Dr Ajay Chaudhary
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उत्तर प्रदेश में लखनऊ के गेस्ट्रो स्पेशलिस्ट डॉ. अजय चौधरी का गोमती नगर में क्लीनिक है। क्लीनिक के बाहर लगी सूचना फौजियों और उनके परिवार वालों के साथ ही सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। क्लिनिक के बाहर लगा यह बोर्ड हर किसी का ध्यान खींचता है। इस बोर्ड पर अधिकांश क्लिनिक की तरह यह नहीं लिखा है कि 'कृपया अपने जूते बाहर उतारें।' इसकी बजाए क्लिनिक के बाहर लगे बोर्ड पर कुछ ऐसा लिखा है जिसे पढ़ने के बाद हर किसी के दिल में एक सम्मान का भाव पैदा होगा, गर्व महसूस होगा।
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- फोटो : Twitter/ADG PI – INDIAN ARMY
डॉ. अजय चौधरी के क्लिनिक के बाहर गेट पर लिखा है कि यहां फौजियों को परामर्श शुल्क देने की जरूरत नहीं है। आप हमारी फीस बॉर्डर पर दे चुके हैं, कृपया आईडी कार्ड साथ लाएं। धन्यवाद।
डॉ. अजय चौधरी ऐसे डॉक्टर हैं जो कि सेना के जवानों और उनके परिवारवालों से कोई फीस नहीं लेते हैं। उनके मुताबिक वे अपनी फीस तो बॉर्डर पर ही दे देते हैं और उनके सम्मान में अगर ये छोटा-सा कदम उठा रहे हैं। डॉ. चौधरी बताते हैं कि फौजी बिना किसी स्वार्थ के बॉर्डर पर देश और उनकी हिफाजत करते हैं। अगर हम लोग उनके लिए कुछ कर पाएं, तो यह गर्व की बात है। फीस न लेकर हम उन्हें सम्मान देना चाहते हैं। सेना से उनका एक खास नाता रहा है। उनका परिवार भी सेना से जुड़ा हुआ है। उनके पिता भी सेना में थे और भाई ने भी इंडियन नेवी में कमांडर के रूप में सेवा दी है।
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doctor ajay chaudhary
- फोटो : amar ujala
बता दें कि एक समय डॉ. अजय चौधरी खुद सेना ज्वॉइन करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एनडीए की परीक्षा भी दी लेकिन पास न हो सके। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई की और गेस्ट्रो स्पेशलिस्ट बन गए। डॉ. अजय चौधरी का मानना है कि फौजी बिना स्वार्थ के देश की सेवा करते हैं और उनके लिए ये मेरा छोटा-सा योगदान है। डॉ. चौधरी को उनके इस काम के लिए हाल ही में मध्य कमान सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल बीएस नेगी की ओर से मेजर जनरल डीएस भाकुनी ने उन्हें सम्मानित किया था। उन्हें सेना की तरफ से एक प्रशंसा पत्र व उत्कृष्ट सेवा प्रमाणपत्र दिया गया था।