दुनिया भर के कई देशों में अमीर और संपन्न लोगों को शुगर डैडी बनाने का चलन है। शुगर डैडी का मतलब क्या है, इसे समझना उतना मुश्किल भी नहीं है। दरअसल, युवा लड़कियां अपने ऐशोआराम और सुख सुविधाओं के लिए पैसों की व्यवस्था करने वाले किसी डैडी नुमा शख्स की तलाश कर लेती हैं, जिनके साथ वो समय भी बिताती हैं तो उस शख्स को शुगर डैडी कहा जाता है। शुगर डैडी बनाने का ये चलन इन दिनों कीनिया को अपने चपेट में लिए हुए है।
'शुगर डैडी' बनाने का चलन क्या है, 18 से 24 साल की लड़कियां क्यों फंस रही इस खतरनाक चंगुल में
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इवा के ठीक उलट है शिरो की जिंदगी। शिरो छह साल पहले यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं, यही कोई 18-19 साल की उम्र रही होगी। तब शिरो एक शादी शुदा शख्स से मिली जो उनसे 40 साल बड़ा था। पहली मुलाकात में उसने शिरो को कुछ तोहफे दिए। फिर सैलून ले गया। दो साल के संबंध के बाद उसने शिरो को एक अच्छा अपार्टमेंट दिला दिया।
चार साल के अंदर शिरो के लिए उसने नियारी काउंटी में एक भूखंड ले लिया है। इन सबके बदले में वह जब चाहता है तब शिरो के साथ सेक्स करता है। अब आप समझ ही चुके होंगे कि शिरो ने अपने लिए एक शुगर डैडी तलाश लिया है। केनियाई समाज में शिरो जैसी लड़कियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो सोशल प्लेटफॉर्म से लेकर बार, रेस्टोरेंट सब जगह नजर आने लगी हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ नैरोबी से पढ़ने वाली सिलास नयानचावनी बताती हैं, "शुक्रवार की रात यूनिवर्सिटी हॉस्टल के बाहर देखिए, किसकी कार नहीं आती- मंत्रियों की, नेताओं की सब के ड्राइवर आकर युवा लड़कियों को ले जाते हैं।" हालांकि अब तक इस तरह का कोई आंकड़ा नहीं आया है, जिससे ये पता चले कि कितनी लड़कियां शुगर रिलेशन में हैं, लेकिन बीबीसी अफ्रीका की ओर से बोसारा सेंटर फॉर बिहेवयरियल इकॉनामिक्स ने एक अध्ययन किया है जिसमें 18 से 24 साल की 252 छात्राएं शामिल हुईं, इनमें 20 फीसदी छात्राओं ने अपना शुगर डैडी बनाया हुआ था। वहीं युवा लड़कियां ये मानती हैं कि उनके साथियों में करीब 24 फीसदी साथियों के शुगर डैडी हैं।
समाज में बदलाव के संकेत
ये सैंपल साइज बहुत छोटा है, लेकिन इससे कीनियाई समाज के इस बदलाव के संकेत जरूर मिल रहे हैं। ऐसी ही एक लड़की है 20 साल की जेन। जेन ने अपने लिए दो-दो शुगर डैडी तलाशे हुए हैं। ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही जेन बताती हैं कि उनके टॉम और जेफ से अलग अलग संबंध हैं। जेन कहती हैं, "वे मदद करते हैं, लेकिन हमेशा सेक्स के बदले ही नहीं। कई बार उन्हें बात करने के लिए, साथ रहने के लिए भी कोई चाहिए होता है।" जेन के मुताबिक उसने आर्थिक सुरक्षा के लिए ये फैसला लिया ताकि वह अपने से छोटी बहनों की मदद कर सकें। ऐसी ही लड़कियों की कहानी नैरोबी डायरी नामक रियलिटी टीवी शो में दिखाई जा रही हैं। जेन की तरह ही ब्रिजेट भी है। नैरोबी के झुग्गी झोपड़ी वाले इलाके काइबेरा में रहती हैं। वे घरों में काम करने वाली महिला थी, लेकिन अब सोशल मीडिया पर उनकी धमक है। उन्होंने अपना एक सेक्सी वीडियो शूट किया है, इसके बाद उनकी फॉलोइंग काफी बढ़ गई है।
गुड लाइफ का टेस्ट
इतना ही नहीं, शुगर रिलेशन के बाद उनकी दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। एक से एक महंगे ब्रैंड के कपड़े और बैग। ब्रिजेट के मुताबिक वे अपने जीवन में गुड लाइफ का टेस्ट लेना चाहती हैं। 25 साल की ग्रेस भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं। उत्तर नैरोबी में रहने वाली ग्रेस सिंगल मदर हैं। उनका सपना सिंगर बनने का है। वे नाइट क्लब में गाती हैं लिहाजा वह ऐसे पुरुष से संबंध बनाना चाहती हैं जो उनका कॅरियर बनाने में भी मदद कर सके।
हालांकि इस चलन पर सवाल भी खूब उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस संस्कृति से महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होने वाला है बल्कि ये एक तरह से उस चलन को बढ़ावा देना है जिसके चलते महिलाओं के शरीर का इस्तेमाल पुरुष आनंद के लिए कर रहे हैं। वहीं महिलावादी चिंतक ओयंगा पाला का ये भी मानना है कि अफ्रीका में महिलाओं की स्वतंत्रता का मुद्दा लगातार जोर पकड़ रहा है, ऐसे में जो लोग सेक्शुअली एक्टिव हैं, उनको तो इस चलन से लाइसेंस मिल जा रहा है।