दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो चुपचाप अपना काम करते हैं। न तो किसी को डिस्टर्ब करते हैं और न ही इनको पसंद आता है कि इन्हें कोई परेशान करे। अपनी धुन में ये अपना काम करते रहते हैं। कनाडा में रहने वाले ब्रूस ऐसा ही कुछ कर रहे हैं। पिछले 38 सालों से एक मिशन पर लगे हुए हैं।
यहां बात हो रही है कनाडा के ब्रूस की। ब्रूस ने साल 1980 में 42 स्कूल बसों को खरीदा था। उन्होंने उस समय 12 हजार 600 डॉलर इन तीन दर्जन से भी ज्यादा बसों को खरीदा था। बसों को खरीदकर वह इन्हें अब घर के बैकयार्ड में दफनाने का काम कर रहे हैं। जानकार हैरानी होगी कि क्यों इतने सालों से वह क्यों ऐसा काम कर रहे हैं।
दरअसल कनाडा का यह बुजुर्ग महाप्रलय से निपटने की तैयारी कर रहा है। ब्रूस ने अपने घर के बैकयार्ड में न्यूक्लियर शेल्टर तैयार किया है। इस न्यूक्लियर शेल्टर को बनाने में 42 बसों का इस्तेमाल किया गया है।
83 वर्षीय ब्रूस ने इस न्यूक्लियर शेल्टर को नाम दिया है आर्क -टू। बाइबल में आर्क के जिक्र के पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी बताई गई है। धर्म ग्रंथ के अनुसार एक शख्स जिसका नाम नोह है, उसने एक जहाज बनाया। जोकि प्रलय के समय लोगों के परिवारों और जानवरों को बचाता था। ब्रूस ने उसी कहानी को ध्यान में रखकर न्यूक्लियर शेल्टर बनाया है।
इस शेल्टर को बनाने का आइडिया नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री डूम्स-डे प्रेपर्स को देखने के बाद आया। जहां प्रलय से निपटने के तरीके बताए गए थे।