Transparent Glassfrogs: दुनिया में कई अनोखे जीव पाए जाते हैं। इन्हीं अनोखे जीवों में मेंढक की एक अजीबोगरीब प्रजाति शामिल है। यह मेंढक खुद को अदृश्य कर सकता है। सामने रहते हुए भी यह मेंढक आसानी से नहीं दिखता है। यह मेंढक पूरी तरह से पारदर्शी होता है जिसकी वजह से इसे ग्लास फ्रॉग (Glass Frog), ट्रांसपैरेंट फ्रॉग और सी-थ्रू फ्रॉग भी कहा जाता है।
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इस मेंढक के बारे साइंस जर्नल में एक अध्ययन प्रकाशित किया गया है। इससे पता चलता है कि नॉर्दर्न ग्लासफ्रॉग गायब या पारदर्शी होने के लिए अपने शरीर में खून के बहाव से करीब 90 फीसदी रेड ब्लड सेल को हटा देता है और इसे अपने लीवर में पैक कर लेता है।
एक रिपोर्ट में बताया है कि यह किस प्रकार से अपने खून को छिपाता है। इसके साथ यह धरती पर ऐसा पहला जीव है। अध्ययन के सह-लेखक सोंके जॉन्सन का कहना है कि आपको पारदर्शी होने के लिए रेड ब्लड सेल को छिपाना होगा। सोंके जॉन्सन उत्तरी कैरोलिना में ड्यूक यूनिवर्सिटी में बायोलॉजी के प्रोफेसर भी हैं।
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ग्लासफ्रॉग अपने खून से रेड ब्लड सेल को हटाकर लीवर में कसकर दबा देते हैं। इससे एक थक्का बनना चाहिए, लेकिन यह नहीं होता है। शोधकर्ता का कहना है यह जानने की जरूरत है कि थक्के कभी क्यों नहीं बन पाते हैं। यह मानव रोगों के इलाज में मददगार हो सकते हैं। नॉर्दर्न ग्लासफ्रॉग की लंबाई एक इंच से अधिक होती है।
शोधकर्ताओं को शोध के दौरान पता चला कि ग्लासफ्रॉग 89 फीसदी रेड ब्लड सेल को सर्कुलेशन से खींचकर लीवर में पैक कर देते हैं। इससे उनकी त्वचा बेहद कम प्रकाश को परावर्तित करती है और उनका खून हीमोग्लोबिन के बिना इसको अवशोषित नहीं कर पाता। इसकी वजह से मेंढक लगभग पूरी तरह पारदर्शी हो जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है ग्लासफ्रॉग ऐसा कैसे करते हैं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।