{"_id":"5a267d344f1c1b60678bf692","slug":"kepler-telescope-discover-fastest-alien-planet","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अनोखे ग्रह की खोज, यहां 7 घंटे में 1251 साल का हो जाएगा इंसान ","category":{"title":"Science Wonders","title_hn":"विज्ञान के चमत्कार","slug":"science-wonders"}}
अनोखे ग्रह की खोज, यहां 7 घंटे में 1251 साल का हो जाएगा इंसान
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:08 AM IST
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क्या आप इस बात से सहमत होंगे कि अंतरिक्ष में एक ग्रह ऐसा भी मौजूद है, जहां महज 7 घंटे में आपकी उम्र 1,251 साल हो जाएगी..? शायद नहीं क्योंकि ये बात आपके लिए एकदम नई और अनोखी होगी। इसलिए इस पर पहली बार में विश्वास करना मुश्किल है। लेकिन वास्तव में एक ऐसा ग्रह मिला है।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें केपलर टेलिस्कोप ने ऐसा ग्रह ढूंढ निकाला है, जिसे अंतरिक्ष का सबसे तेज प्लेनेट कहा जा रहा है। हालांकि इस ग्रह के बारे में अभी तक प्रमाणिक तौर पर यह पता नहीं चल पाया है कि एक दिन में यह कितने घंटे का होगा। अभी तक ट्रैक किए दिन प्रति वर्ष से केवल इतना स्पष्ट हुआ है कि यहां 7 घंटे का एक साल होगा। फिलहाल वैज्ञानिक इस ग्रह पर शोध कर रहे हैं।
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अगर यह बात सही निकली तो इसका मतलब ये हुआ कि पृथ्वी के हिसाब से यहां पर सात घंटे में ही आपकी उम्र 1251 साल हो जायेगी। इसको एक सिंपल लॉजिक से हम ऐसे समझ सकेत हैं। सर्वमान्य है कि पृथ्वी पर एक साल में 365 दिन होते हैं और उसमें कुल 8,760 घंटे होते है। जबकि केपलर टेलिस्कोप ने ऐसा ग्रह ढूंढ निकाला है जिसमें सात घंटे होते ही साल खत्म हो जाता है। इसका मतलब ये हुआ कि पृथ्वी के हिसाब से यहां पर सात घंटे में ही आपकी 1,251 साल हो जाएगी।
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केपलर के खोजे गए इस ग्रह की ऐसी स्थिति इसलिए है क्योंकि इस ग्रह का सूर्य की परिक्रमा करने का समय महज 6.7 घंटे है। इस ग्रह का नाम ईपीआईसी 246393474 बी रखा गया है। केपलर एक ग्रह अन्वेषी यानि प्लेनेट हंटिंग टेलिस्कोप है, जो वो अब तक करीब 2300 ग्रहों की खोज कर चुका है। इस नए ग्रह को उसने धरती के एकदम पास ही खोजा है।
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2013 केपलर ने के2 मिशन की शुरुआत की थी। ये ग्रह धरती से लगभग 5 गुना बड़ा बताया जा रहा है। इस ग्रह में भारी पत्थर मौजूद हैं जिसमें 70 प्रतिशत तक आयरन होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस ग्रह का नाम ईपीआईसी 246393474 बी रखा गया है, वैसे इसका एक दूसरा नाम भी है सी 12_3474 बी। लेकिन यहां का वातावरण इंसानों के रहने योग्य नहीं है। वैज्ञानिकों की तो यहां स्टेलर रेडिएशन फैला है। पृथ्वी के करीब होने के बावजूद इसे मानवीय कॉलोनी के तौर पर विकसित करने की कोई संभावना नहीं है।