Classical Indian instruments played In Ram Temple Complex: अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पूरा परिसर संगीतमय हो गया है। इस पवित्र और खास मौके पर देशभर के विभिन्न शास्त्रीय वाद्य यंत्रों की ध्वनियां सुनने को मिल रही हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश के पखावज से लेकर तमिलनाडु का मृदंग भी बजाया जा रहा है। ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के महासचिव चंपत राय द्वारा बताया गया है कि 22 जनवरी के दिन इस भव्य समारोह के दौरान प्रस्तुति के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से संगीतकारों को बुलाया गया है।
अयोध्या राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह का जश्न मनाने के लिए आज देशभर के विभिन्न शास्त्रीय वाद्य यंत्र एकता के सूत्र में बंधकर अपने सुर साध रहे हैं। इन्होंने सुरों की महफिल सजाकर हर एक राम भक्त का मन मोह लिया है। इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान के दौरान संगीत की इस अद्भुत पेशकश ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसकी चर्चा बेहद जरूरी हो जाती है।
मंदिर न्यास की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' दोपहर 12:20 बजे शुरू होकर और दोपहर 1 बजे तक पूरा होगी। यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की गरिमामय उपस्थिति में हो रहा है।
इस भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की बांसुरी और ढोलक कलाकार अपनी प्रस्तुती दे रहे हैं। कर्नाटक से वीणा; महाराष्ट्र से सुंदरी; पंजाब से अलघोजा; ओडिशा से मर्दाला; मध्य प्रदेश से संतूर; मणिपुर से पुंग; असम से नागदा और काली; छत्तीसगढ़ से तंबूरा; बिहार से पखावज; दिल्ली से शेहानी; और राजस्थान से रावणहत्था, से भी सुर छेड़े जा रहा हैं।
4 of 5
ram lala
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा पश्चिम बंगाल के श्रीखोल और सरोद कलाकार; झारखंड से सितार; आंध्र प्रदेश से घाटम, तमिलनाडु से नादस्वर्म और मृदंग और उत्तराखंड से हुड़का बजाने वाले कलाकार भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं
5 of 5
ram lala
- फोटो : amar ujala
मंदिर न्यास की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यहां करीब 8,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।