राजस्थान में अजमेर जिले के बिजनेसमैन धर्मेंद्र अनीजा इन दिनों देशभर में चर्चा में हैं। उन्होंने चांद पर जमीन खरीदने के सपने को अपनी पत्नी सपना के लिए साकार कर दिखाया है। उन्होंने 24 दिसंबर को अपनी शादी की आठवीं सालगिरह पर पत्नी को चांद पर जमीन का तोहफा दिया है।
शादी की सालगिरह पर इस शख्स ने पत्नी को दिया अनोखा तोहफा, चांद पर खरीदी तीन एकड़ जमीन
चांद पर कहां खरीदी है जमीन?
धर्मेंद्र अनीजा की पत्नी सपना अनीजा कहती हैं, "तोहफे में चांद पर जमीन के सरप्राइज से इतनी खुश हुई कि कई बार तो रोना ही आ रहा था। शायद मैं दुनिया की सबसे भाग्यशाली महिला हूं जिसे ऐसा तोहफा मिला है।"
वह कहती हैं, "कार्यक्रम में जब मुझसे पूछा गया कि अंदाजा लगाइए कि आपको क्या सरप्राइज दिया जा रहा है। तो मुझे लगा कि कोई गाड़ी, ज्वेलरी या कुछ खास होगा। लेकिन, चांद पर जमीन का इतना बड़ा खास तोहफा होगा। यह सोचा नहीं था।" सपना के नाम से चांद पर 14।3 नॉर्थ लैटीट्यूड 5।6 ईस्ट लोंगीट्यूड, लेक्ट 20 पार्सल्स 377, 378 और 379 पर तीन एकड़ जमीन खरीदी गई है।
कौन हैं धर्मेंद्र अनीजा?
धर्मेंद्र अनीजा और सपना अनीजा अजमेर के ही निवासी हैं, उनकी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई यहीं पर हुई है। अजमेर गवर्नमेंट कॉलेज में ही दोनों की मुलाकात हुई और बाद में शादी। शादी के बाद से धर्मेंद्र अनीजा ब्राजील में टूर एंड ट्रैवल का बिजनेस करते हैं और उनके माता-पिता अजमेर में ही रहते हैं। बीते करीब दस महीनों से धर्मेंद्र अनीजा अजमेर में ही अपने परिवार के साथ हैं, उनकी सात साल की एक बेटी रिद्धि है। धर्मेंद्र के पिता रामदयाल अनीजा कॉन्ट्रेक्टर हैं और सपना के पिता गीसुलाल अर्नोडिया रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं।
एप्लिकेशन से जमीन खरीदने तक का सफर
पृथ्वी के भी किसी भाग पर जमीन खरीदने के लिए एक प्रक्रिया से होकर गुजरना होता है। ठीक उसी तरह चांद पर जमीन खरीदने के लिए भी एक लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। धर्मेंद्र अनीजा ने चांद पर जमीन खरीदने के लिए करीब एक साल पहले यूएसए की फर्म में आवेदन किया। आवेदन स्वीकार होने के बाद कई दफा वीडियो कॉन्फ्रेंस से कंपनी के साथ मीटिंग की।
प्रक्रिया के दौरान उनकी आर्थिक और परिवारिक स्थिति की जाँच की गई। डॉक्युमेंटेशन की बेहद लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक साल का समय लगा है। धर्मेंद्र अनीजा का दावा है, "कई तरह की फर्जी कंपनियां हैं जो चांद पर जमीन दिलाने का दावा करती हैं। लेकिन, दुनिया में 'लूना सोसाइटी इंटरनेशनल' एकमात्र कंपनी है जो चांद पर जमीन दिलाने के लिए अधिकृत है।"
चांद पर खरीदी जमीन पर शोध हुआ तो मिलेगी रॉयल्टी
चांद पर दो तरह से जमीन उपलब्ध है, इसमें एक में तो एक साल के लिए जमीन का मालिकाना हक मिलता है। जबकि अन्य में 49 साल के लिए मालिकाना हक मिलता है। धर्मेंद्र अनीजा बताते हैं कि उन्होंने तीन एकड़ जमीन 49 साल के लिए खरीदी है। अब इस जमीन को किसी को बेचने और ट्रांसफर करने का अधिकार उनका है। जमीन खरीदते समय हुए समझौते के तहत यदि चांद पर उनकी जमीन पर शोध होता है, तो बाकायदा उनको इसकी रॉयल्टी उन्हें दी जाएगी।