How Lighting And Thunder Occur: उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून अपने चरम पर है। बीते कुछ दिनों में दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें 7 से अधिक लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। अधिक बारिश और तूफान के समय आसमान में बिजली सी चमकती है और जबरदस्त गड़गड़ाहट की आवाज आती है। इसे आम बोलचाल में बिजली का कड़कना कहते हैं, जो कई बार जानलेवा भी साबित होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर आसमान में बिजली कैसे बनती है और यह जमीन पर नीचे गिरकर जानलेवा कैसे बन जाती है? आज हम इन सभी सवालों का जवाब जानेंगे।
Lightning: आसमान में कैसे बनती है बिजली, कहां होता है सबसे अधिक खतरा?
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कैसे गिरती है बिजली और क्यों आती है गर्जने की?
बिजली पैदा होने के बाद बादलों के बीच जो खाली जगह होती है वहां इस बिजली की धारा बहती है, जिससे भारी पैमाने पर आसमान में चमक देखने को मिलती है। इस दौरान बहुत बड़े पैमाने पर गर्मी भी पैदा होती है। जब ये गर्म वायु फैलती है तो करोड़ों कण आपस में टकराने लगते हैं। ऐसे में थंडर यानी गरजने की आवाज पैदा होती है।
किसी इमारत या पेड़ पर कैसे गिरती है बिजली?
बादलों के बीच बह रही बिजली जब पृथ्वी के किसी ऊंचे पेड़ या इमारत के पास से गुजरती है, तो उसके चार्ज के खिलाफ इमारत या पेड़ पर विपरीत चार्ज पैदा होने लगते हैं। जब इसकी मात्रा अधिक हो जाती है तो बिजली बादल से उस पेड़ या इमारत में भी बहने लगती है। इसी प्रक्रिया को बिजली का गिरना कहते हैं।
कहां होता है बिजली गिरने का अधिक खतरा?
खेतों में लंबे-लंबे पेड़ों पर बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा नदी तालाब में नहाते हुए लोगों पर भी बिजली गिरने का खतरा रहता है। इसलिए जब भी बिजली की चमक नजर आति है तो इनके पास से हट जाने की सलाह दी जाती है।