Heatwave alert: दुनियाभर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। NOAA और नासा के वैज्ञानिकों ने कहा है कि पूरी दुनिया का तापमान पहले से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। अब इस बीच प्रमुख जलवायु वैज्ञानिक डॉ. जेम्स हानसेन ने डरावनी भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि वर्ष 2026 पृथ्वी का अभी तक का सबसे गर्म साल साबित होगा। उन्होंने दावा किया है कि ग्लोबल वार्मिंग और एक बेहद शक्तिशाली अल-नीनो का मिला-जुला प्रभाव इस वर्ष तापमान का नया रिकॉर्ड बनाएगा।
Heatwave: 2026 होगा सबसे गर्म साल, बनेगा तापमान का रिकॉर्ड, दुनिया के सबसे बड़े मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी
Heatwave alert: दुनिया के प्रमुख जलवायु वैज्ञानिक डॉ. जेम्स हानसेन ने भविष्यवाणी की है वर्ष 2026 पृथ्वी का अभी तक का सबसे गर्म साल साबित होगा।
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कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक जेम्स हानसेन ने वर्ष 1988 में अमेरिकी कांग्रेस को पहली बार चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मानव गतिविधियां से पृथ्वी गर्म हो रही है। अब उन्होंने अपनी नई रिपोर्ट में कहा कि 2026 में 2024 की गर्मी का रिकॉर्ड टूटेगा और 2027 भी गर्म हो सकता है।
क्या है अल-नीनो?
अल-नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक मौसम की घटना है। सामान्य दिनों पूर्वी प्रशांत महासागर का ठंडा रहने वाला पानी अल-नीनो आने पर बहुत गर्म हो जाता है। फिर गर्म पानी फैलता है, जिससे हवाओं का रुख बदल जाता है। अल-नीनो पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है। इसके कारण कुछ स्थानों पर भारी बारिश होती है और बाढ़ आती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर सूखा पड़ता है और गर्मी बढ़ जाती है।
आमतौर पर अल नीनो प्रत्येक 2 से 7 साल में आता है और 9 से 12 महीने तक रहता है। अगर यह मजबूत होता है तो सुपर अल-नीनो कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि 2026 के दूसरे आधे हिस्से में अल-नीनो शुरू हो जाएगा। कई मॉडल के मुताबिक, यह सुपर अल-नीनो है, जिसका असर 2026 में देखने को मिलेगा।
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इसलिए अहम है जेम्स हानसेन की भविष्यवाणी
जेम्स हानसेन और उनकी टीम ने महासागर के ऊपरी 300 मीटर पानी के तापमान का शोध किया। मार्च 2026 में यह तापमान सामान्य से 1 डिग्री से अधिक गर्म था, जो 1.6 डिग्री तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि अल-नीनो सामान्य नहीं, बल्कि मजबूत होगा।
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क्या होगा भारत पर असर?
भारत जैसे देशों में अल-नीनो का गंभीर प्रभाव हो सकता है। दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में तापमान 45-50 डिग्री तक पहुंच सकता है और मानसून को प्रभावित करेगा। कुछ स्थानों पर सूखा पड़ेगा और भारी बारिश होगी।