फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दशहरा 2026: इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्यों नहीं किया गया था अंतिम सस्कार? जानिए क्या है रहस्य

Tue, 20 Oct 2026 02:04 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह Updated Tue, 20 Oct 2026 02:04 PM IST
सार

दशहरा 2026: देशभर में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत में अलग-अलग जगहों पर रावण पुतला जलाया जाता है। लेकिन दावा किया जाता है कि आज भी रावण का शव श्रीलंका में एक गुफा में रखा हुआ है। 

विज्ञापन
Dussehra 2026 ravana body still present in this cave in srilanka know the secret behind this
इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्या है रहस्य - फोटो : AI

दशहरा 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है दशहरा। भगवान श्रीराम ने दशहरा के दिन अंहकार से भरे लंकापति रावण का वध किया था। हिंदू धर्म में दशहरा यानी विजयादशमी का खास महत्व है। विजयादशमी के दिन जगह-जगह रावण का पुतला दहन किया जाता है। इस मौक पर हम रामायण से जुड़े कुछ रहस्यों और कहानियों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है।  



कहा जाता है कि श्रीलंका में रामायण और भगवान राम से जुड़े कई चिन्ह और सबूत अभी भी मौजूद हैं। श्रीलंका में स्थित स्थल भगवान श्रीराम और रावण से जुड़ी कई सच्चाई बयां करते हैं। नवरात्र समाप्त होने के बाद दशमी तिथि को दशहरा मनाया जाता है जिसे विजयदशमी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, दशमी के दिन ही भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। 
 

Trending Videos
Dussehra 2026 ravana body still present in this cave in srilanka know the secret behind this
इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्या है रहस्य - फोटो : Freepik

एक शोध के मुताबिक, श्रीलंका में 50 ऐसे स्थान हैं जिनसे रामायण का संबंध है। इस शोध में बताया गया है कि श्रीलंका में स्थित एक पहाड़ी में बनी गुफा में अभी भी रावण का शव सुरक्षित है। यह गुफा श्रीलंका के रैगला के घने जंगलों में स्थित है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम ने 10 हजार साल पहले रावण का वध किया था। 

बताया जाता है कि रैगला के जंगलों में 8 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित गुफा में रावण का शव रखा हुआ है। रावण के शव को ममी बनाकर एक ताबूत के भीतर रखा गया है जिस पर एक खास तरह का लेप लगाया गया है। इसकी वजह से हजारों वर्षों से वो वैसा का वैसा ही दिखता है।
 

Dussehra 2026 ravana body still present in this cave in srilanka know the secret behind this
इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्या है रहस्य - फोटो : Freepik

श्रीलंका के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर ने यह शोध किया था। इस शोध के मुताबिक, जिस ताबूत में रावण का शव रखा गया है वो 18 फीट लंबा और 5 फीट चौड़ा है। यह भी कहा जाता है कि इस ताबूत के नीचे रावण का बेशकीमती खजाना है जिसकी रखवाली एक भयंकर नाग और कई खूंखार जानवर करते हैं।

यूरोप पर होगा इस्लाम का राज! बाबा वेंगा की ये भविष्यवाणी हो रही वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
Dussehra 2026 ravana body still present in this cave in srilanka know the secret behind this
इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्या है रहस्य - फोटो : Freepik

मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद उसके शव को विभीषण को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया था। लेकिन विभीषण ने राजगद्दी संभालने की जल्दी में रावण का अंतिम संस्कार नहीं किया और शव वैसे ही छोड़ दिया।

दिल्ली में कहां जलेगा सबसे बड़ा रावण, बनाने में खर्च हुए हैं 55 लाख रुपये, ऊंचाई देखकर लोग हैरान

विज्ञापन
Dussehra 2026 ravana body still present in this cave in srilanka know the secret behind this
इस गुफा में आज भी रखा है रावण का शव, क्या है रहस्य - फोटो : Freepik

इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर द्वारा किए गए शोध में यह भी दावा किया जाता है कि यह भी पता लगा लिया गया है कि रावण की अशोक वाटिका कहां थी और उसका पुष्पक विमान कहां उतरता था। इसके अलावा भगवान हनुमान के पैरों के निशान भी खोजने का दावा किया गया है। लेकिन इन सभी चीजों की प्रमाणिकता अभी तक सिद्ध नहीं हो पाई है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed