नन्हें-मुन्हें बच्चे जिन्होंने अभी अपने भविष्य का सपना भी ठीक से नहीं देखा है, चीन में उनके साथ कितना बुरा व्यवहार होता है, आप सोच भी नहीं सकते।
मेडल के लिए मासूमों के साथ इतनी क्रूरता, तस्वीरें देख फट जाएगा कलेजा
जी हां चीन ओलंपिक में गोल्ड मेडल पाने की लालच में बच्चों के साथ बहुत ही क्रूरता का व्यवहार किया जा रहा है।
मेडल के लिए मासूमों के साथ इतनी क्रूरता, तस्वीरें देख फट जाएगा कलेजा
तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह छह साल की बच्ची चिल्ड्रेन्स स्कूल ऑफ चाइना में ट्रेनिंग के दौरान रो रही है।
मेडल के लिए मासूमों के साथ इतनी क्रूरता, तस्वीरें देख फट जाएगा कलेजा
चीन की खेल प्रणाली तभी से काफी सफल रही है, जब से 2008 के दौरान चीन ओलंपिक की ओर लौटा था। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में चीन ने सबसे ज्यादा मेडल झटके थे।
मेडल के लिए मासूमों के साथ इतनी क्रूरता, तस्वीरें देख फट जाएगा कलेजा
खेलों के प्रति वहां ऐसी मानसिकता चल रही है कि चीन के अधिकतर मां-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चे ओलंपिक में भाग लें। लेकिन वो ये नहीं जानते कि उनके बच्चे के शारीरिक क्षमता से ज्यादा उन्हें ट्रेनिंग दी
जाती है।