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अजब-गजब: इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य, डेढ़ लाख साल से पहले हुआ था निर्माण, जानिए क्या है छठ पर्व से संबंध

Wed, 10 Nov 2021 11:40 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Wed, 10 Nov 2021 11:40 AM IST
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chhath puja 2021 mysterious old sun temple in aurangabad bihar know the amazing secret behind it
इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

देशभर में आज यानी 10 नवंबर 2021, बुधवार को छठ महापर्व है। चार दिनों तक चलने वाले छठ पर्व में आज डूबते सूर्य को अर्घ्य दी जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालु छठी मैया की आराधना करेंगे। छठ पूजा का त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। वैसे तो छठ पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों में मनाया जाता है, लेकिन अब ये त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। छठ के पर्व में उगते हुए और डूबते हुए सूर्य दोनों को अर्घ्य देते हैं। छठ महापर्व में विशेष रूप भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। छठ महापर्व के मौके पर आपको देश के एक अद्भुत सूर्य मंदिर के बारे में बताते हैं....



देशभर में भगवान सूर्य के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। सूर्य मंदिरों में सबसे पहले कोणार्क के सूर्य मंदिर का नाम लिया जाता है। लेकिन बिहार के औरंगाबाद जिले में एक सूर्य मंदिर स्थित है जो आस्था का केंद्र है। इसके साथ ही यह बेहद रहस्यमयी मंदिर है। छठ महापर्व पर इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ होती है। छठ पूजा करने के लिए यहां पर बिहार के साथ ही कई राज्यों के लोग आते हैं। 

chhath puja 2021 mysterious old sun temple in aurangabad bihar know the amazing secret behind it
इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, इस प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने एक रात में कर दिया था। यह भारत का पहला ऐसा सूर्य मंदिर है जिसका दरवाजा पश्चिम की तरफ है। इस मंदिर में भगवान सूर्य सात घोड़े वाले वाले रथ पर सवार हैं। इस मंदिर में भगवान सूर्य के तीनों रूपों उदयाचल-प्रात: सूर्य, मध्याचल- मध्य सूर्य और अस्ताचल -अस्त सूर्य के रूप में प्रतिमा स्थापित है। बताया जाता है कि छठ पूजा की शुरुआत यहीं से हुई थी। 

chhath puja 2021 mysterious old sun temple in aurangabad bihar know the amazing secret behind it
इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

डेढ़ लाख साल से पहले मंदिर का हुआ था निर्माण

यह मंदिर करीब एक सौ फीट ऊंचा है। इसके अलावा यह मंदिर स्थापत्य और वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। बताया जाता है कि डेढ़ लाख साल पहले इस मंदिर का निर्माण किया गया था। आयताकार, वर्गाकार, अर्द्धवृत्ताकार, गोलाकार, त्रिभुजाकार पत्थर से इस मंदिर का निर्माण किया गया है। इसके निर्माण में गारा या सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। आज भी यह रहस्य है कि यह मंदिर एक रात में कैसे बन गया और पश्चिम की तरफ मुख का होकर भी भगवान सूर्य के दर्शन कैसे होते हैं। 
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इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

जानिए कैसे किया गया निर्माण

यह प्राचीन सूर्य मंदिर अपने इतिहास के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है।  डेढ़ लाख वर्ष पुराना यह सूर्य मंदिर औरंगाबाद से करीब 18 किलोमिटर दूर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण  काले और भूरे पत्थरों से किया गया है। यह सूर्य मंदिर देखने पर ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर की तरह दिखता है। 

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इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock


मंदिर के बाहर एक शिलालेख पर ब्राह्मी लिपि में एक श्लोक लिखा गया है। इस मंदिर का निर्माण त्रेता युग में  किया गया था। शिलालेख पर लिखे श्लोक के मुताबिक, इस पौराणिक मंदिर के निर्माण को 1 लाख 50 हजार 19 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

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