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Asteroid Moons: ब्रह्मांड में पहली बार मिला ऐसा एस्टेरॉयड, अद्भुत खोज से हैरत में वैज्ञानिक
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Sun, 20 Feb 2022 06:02 PM IST
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ब्रह्मांड में पहली बार मिला ऐसा एस्टेरॉयड
- फोटो : iStock
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ब्रह्मांड में कई ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में दुनिया को कोई जानकारी नहीं है। वैज्ञानिक लगातार ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे हैं। अब इस बीच वैज्ञानिकों ने अनोखे एस्टेरॉयड की खोज की है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस एस्टेरॉयड के तीन चंद्रमा हैं। वैज्ञानिकों ने इस अनोखे एस्टेरॉयड की खोज सबसे पहले 19वीं सदी में की थी जिसकी पहचान अंतरिक्ष के पहले क्वाड्रूपल सिस्टम के तौर पर हुई है। यह अनोखा एस्टेरॉयड 257 किमी चौड़ा है। वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड को 130 इलेक्ट्रा नाम दिया है। यह नाम यूनानी देवता के ऊपर रखा गया है।
इस एस्टेरॉयड के साथ वैज्ञानिकों ने एक हैरान करने वाली खोज की है। उन्होंने बताया है कि इसके 3 छोटे-छोटे चंद्रमा हैं। वैज्ञानिकों ने अभी तक 11 लाख एस्टेरॉयड खोजे हैं, लेकिन किसी के उपग्रह नहीं मिले थे। वैज्ञानिकों ने बताया है कि 11 लाख एस्टेरॉयड में से 150 के कम से कम एक चंद्रमा हैं, लेकिन हमेशा इनकी तलाश नहीं की जा सकती है।
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ब्रह्मांड में पहली बार मिला ऐसा एस्टेरॉयड
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वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इलेक्ट्रा को साल 1873 में खोजा था। यह मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित एस्टेरॉयड बेल्ट में पाया गया था। इसके बाद वैज्ञानिकों ने 130 साल बाद इसके पहले चंद्रमा को खोजा। फिर साल 2014 में वैज्ञानिकों को इसके दूसरे चंद्रमा के सबूत मिले।
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ब्रह्मांड में पहली बार मिला ऐसा एस्टेरॉयड
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इन एस्टेरॉयड को खोजना कठिन होता है, क्योंकि इनकी रोशनी बहुत कम होती है। छोटे उपग्रह के चक्कर लगाने से इनकी रोशनी और भी कम हो जाती है जिसकी वजह से इनके दिखने की संभावना कम होती है। इस अनोखे एस्टेरॉयड की खोज थाइलैंड के नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने की है।
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ब्रह्मांड में पहली बार मिला ऐसा एस्टेरॉयड
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शोधकर्ताओं का कहना है कि यह इलेक्ट्रा पहला quadruple सिस्टम है जिसे खोजा गया है। उन्होंने बताया है कि इस एस्टेरॉयड का पहला चांद 6 किमी, दूसरा 2 किमी और तीसरा चांद 1.6 किमी चौड़ा है। नया मिला चांद 340 किमी की दूरी से एस्टेरॉयड की परिक्रमा कर रहा है।
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