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वो अजीबोगरीब जीव जिन्हें आता है बगैर पानी के जीना, बड़ी ही रहस्यमयी है इनकी दुनिया

Thu, 26 Jul 2018 04:00 PM IST
जेन पाल्मर/बीबीसी हिंदी
जेन पाल्मर/बीबीसी हिंदी Updated Thu, 26 Jul 2018 04:00 PM IST
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Amazing creatures who can live without water for many days
fish
पानी के बगैर जिंदगी का तसव्वुर मुमकिन नहीं। कोई इंसान पानी के बिना कुछ दिन तक ही जिंदा रह सकता है। मगर धरती का बढ़ते तापमान, अलग-अलग इलाकों में बार-बार सूखे के हालात पैदा कर रहा है। भूमध्य सागर का पूर्वी हिस्सा नौ सौ सालों के सबसे भयंकर सूखे का सामना कर रहा है। पानी की किल्लत से इंसान और जानवरों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। हम पसीने और पेशाब के तौर पर रोज चार से नौ कप तक पानी अपने बदन से निकाल देते हैं।


अगर हम प्यास बुझाने के लिए जरूरी पानी न पिएं तो हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। पानी की कमी से हमें थकान, सिरदर्द, मांशपेशियों की कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होने और बेहोशी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।बहुत से जानवरों को भी पानी की किल्लत से कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं, लेकिन दुनिया में कई ऐसे जानवर भी हैं, जो महीनों-बरसों तक बिना पानी के रह सकते हैं। सूखे इलाकों में रहने वाले जानवरों ने पानी की कमी से निपटने के लिए तरह-तरह की तरकीबें निकाल ली हैं।
Amazing creatures who can live without water for many days
tortoise
जैसे कि रेगिस्तान में पाया जाने वाला कछुआ, अपने शरीर के भीतर पानी जमा करके रखता है ताकि बुरे वक्त में उससे काम चला सके। लैटिन अमरीका के गैलेपैगोस द्वीप पर पाया जाने वाला कछुआ भी यही करता है। अपने शरीर के भीतर पानी जमा करता है। बारिश के मौसम में पत्तियों से पानी लेकर वो शरीर के भीतर एक थैली में जमा कर लेता है। अमरीका की एरिजोना यूनिवर्सिटी के ग्लेन वाल्सबर्ग कहते हैं कि अगर आप किसी कछुए को ज्यादा तंग करेंगे तो आखिर में वो अपने शरीर के भीतर जमा पानी उलट देता है।

इसी तरह ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला एक मेंढक अपने मुंह के पास एक थैली में पानी इकट्ठा करके रखता है। इस थैली में ये मेंढक अपने वजन से दोगुना तक पानी जमा कर लेता है। फिर ये पांच सालों तक बिना पानी पिए काम चला सकता है। रेगिस्तान में रहने वाले सांप, पंछी, बड़े मेंढक, घड़ियाल और जंगली कुत्ते, सब इस मेंढक के भरोसे रहते हैं। इसे मारकर वो अपनी पानी की जरूरत पूरी करते हैं।
 
Amazing creatures who can live without water for many days
frog
ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले टिवी आदिवासी भी, सूखे के दौरान इन मेंढकों को गड्ढे से खोदकर निकालते हैं और फिर इन्हें निचोड़कर अपनी प्यास बुझाते हैं। सूखे इलाकों में रहने वाले कुछ जानवर तो अपने बदन के ऊपर एक परत चढ़ाकर, पानी को बर्बाद होने से बचाते हैं। वहीं उत्तरी अमरीका में पाया जाने वाला स्पेडफूट टोड, जमीन खोदकर उसमें जाकर छुप जाता है। वहां पर इस टोड की चमड़ी से एक केमिलक रिसता है। इससे उसके बदन के ऊपर एक परत सी चढ़ जाती है। ये टोड ऐसे ही करीब दस महीने तक जमीन के भीतर छुपा रहता है।

बारिश की आहट मिलते ही ये अपनी जगह से बाहर निकलता है। पेड़ों पर रहने वाले कुछ मेंढक भी इसी तरीके से पानी की कमी से निपटते हैं। ऐसे मेंढकों की कई नस्लें उत्तरी और दक्षिणी अमरीका में पाई जाती हैं। एरिजोना यूनिवर्सिटी के ग्लेन वाल्सबर्ग ने एक बार ऐसे ही मेंढक को एक जूते के डिब्बे में कई महीने तक रखा। वो सिकुड़कर यूं ही पड़ा रहा। जब डिब्बा खोला गया तो लगा कि मेंढक मर गया। लेकिन जब उस पर पानी छिड़का गया तो जैसे वो सोते से जाग उठा। अपनी ऊपरी खोल को फाड़कर वो फिर से जिंदगी की भाग-दौड़ में मस्त हो गया।
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Amazing creatures who can live without water for many days
rat
अफ्रीकी लंगफिश जो उथले पानी वाले ठिकानों में मिलती है, उसने तो पानी की कमी से निपटने के लिए अलग ही तरीका निकाल लिया है। वो पानी में रहती है तो अपनी ऑक्सीजन की जरूरत पानी से पूरी करती है। मगर सूखे के हालात में वो अपनी चमड़ी से हवा के जरिए सांस लेती है।

भयंकर सूखे की स्थिति में ये मछली गड्ढा खोदकर उसमें छुप जाती है। अपने ऊपर सुरक्षा की एक परत चढ़ा लेती है। ऐसी हालत में लंगफिश तीन से पांच साल तक जिंदा रह सकती है। कुछ जानवर तो पानी की कमी देखते हैं तो पानी पीना ही बंद कर देते हैं।

जैसे कि उत्तरी अमरीका में पाए जाने वाले कंगारू चूहे। ये बारिश के सीजन में बीज जमा करके रख लेते हैं। फिर इन बीजों को खाकर बरसों जिंदा रहते हैं। अपनी पानी की जरूरत ये इन्हीं बीजों को खाकर पूरा करते हैं। शरीर से पानी न बर्बाद हो इसलिए ये चूहे और इनके जैसे दूसरे जानवर दिन में अपने बिल से निकलते ही नहीं। ग्लेन वाल्सबर्ग कहते हैं कि इन चूहों को आप सिर्फ एक डिब्बा भर खाना दे दीजिए। ये मस्ती से रहेंगे। पानी की जरूरत ये बीजों से ही पूरी कर लेंगे।
 
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Amazing creatures who can live without water for many days
Camel
ऊंट और रेगिस्तानी हिरण, पानी की कमी से निपटने के लिए अपने बदन में चर्बी जमा कर लेते हैं। सूखे के हालात में ये चर्बी को पानी में तब्दील करके अपनी प्यास बुझाते हैं। इनके कूबड़ इसीलिए होते हैं, क्योंकि ये वसा की शक्ल में पानी जमा करके रखते हैं। इसी तरह गिला मॉन्सटर नाम का जीव अपनी पूंछ में पानी जमा करके रखता है।

रेगिस्तान और सूखे इलाकों में पाए जाने वाले जानवर पानी को लेकर काफी कंजूसी बरतते हैं। ये पसीने से, सांस लेने से, पेशाब करने और मलत्याग से होने वाले पानी के नुकसान को तरह-तरह के तरीकों से रोकते हैं। पसीना न आए, इसलिए ये जानवर दिन में नहीं निकलते। पेशाब और मलत्याग भी ये सूखा ही करते हैं, जिससे पानी बर्बाद न हो।

 
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