हुंडई मोटर इंडिया इन दिनों अपनी नेक्स्ट जेन ग्रैंड आई 10 को लांच करने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपनें 1.2 लीटर U2डीजल इंजन को अपग्रेड करने जा रही है। फिलहाल इस इंजन को कंपनी अपनी ग्रैंड i10 और एक्सेंट में इस्तेमाल करती है। लेकिन एक तरफ जहां दूसरी कार निर्माता कंपनियां डीजल इंजन को अपग्रेड करने से पीछे हट रही हैं वही हुंडई इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती है। और इसलिए कंपनी ने अपने 1.2 लीटर U2 डीजल इंजन को BS-6 में अपग्रेड करने का फैसला किया है।
भारत में BS-6 एमीशन स्टैंडर्ड्स अगले साल अप्रैल से लागू होंगे
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Hyundai Grand i10 facelift
- फोटो : Google
भारत में BS-6 एमीशन स्टैंडर्ड्स अगले साल अप्रैल से लागू होंगे। और 1,500cc से कम क्षमता वाले डीजल इंजन को इन नॉर्म्स का पालन करना पडे़गा। वैसे आपको बता दें की पेट्रोल की तुलना में डीजल इंज को BS-6 में अपग्रेड करने में ज्यादा लागत लगती है। और यही वजह है कि ज्यादातर कंपनियां पीछे हट रही हैं। लेकिन फोर्ड ने इस बारे में कहा है कि अगर डिमांड बढ़ी तो हम भी डीजल इंजन का इस्तेमाल करते रहेंगे। लेकिन मारुति सुजुकी अब धीरे-धीरे डीजल इंजन का इस्तेमाल कम करती जा रही है।
क्या हुंडई को होगा फायदा
खबर यह है कि महिंद्रा भी अब अपनी गाड़ियों में 1.2 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन का इस्तेमाल बंद करने जा रही है। कंपनी अपनी KUV100 में इस इंजन का इस्तेमाल करती है। इतना ही नहीं टाटा मोटर्स भी अपनी टियागो और टिगोर में इस्तेमाल हो रहे 1.05 लीटर रेवोटॉर्क डीजल इंजन का इस्तेमाल अब बंद कर रही है। अब देखना यह होगा कि हुंडई को BS-6 डीजल इंजन लगाने से कितना मुनाफा होता है और यदि कंपनी को इसमें कामयाबी मिली तो क्या दूसरी कंपनियां भी इस पर फिर से विचार करेंगी? इस बात का पता अगले साल लग जायेगा।