बाजार में जब कोई वाहन लॉन्च होता है और उसकी कीमत बताई जाती है, तो हम उससे अनुमान लगा लेते हैं कि यह हमारे बजट में है या नहीं। हालांकि दरअसल ऐसा होता नहीं है। क्योंकि वाहन की वास्तविक कीमत शोरूम कीमत की तुलना में अधिक होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है...
वाहन की Ex-Showroom और On-Road कीमत में क्या है अंतर, समझने के लिए पढ़ें ये खबर
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Ex-Showroom कीमत
बता दें कि कार या बाइक खरीदते समय आपकी तरफ से खर्च किए जा रहे पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा एक्स-शोरूम कीमत होती है। दरअसल यह वह कीमत होती है जिसे हम अकसर विज्ञापनों में देखते हैं। असल में यह किसी वाहन का आधार मूल्य होता है जो कि प्रत्येक जगह के हिसाब से अलग-अलग होता है। इसके अलावा वाहन की कीमत में रोड टैक्स सहित अन्य शुल्क भी लगाए जाते हैं।
वाहन रजिस्ट्रेशन
वाहन खरीदने के बाद उसका रजिस्ट्रेशन भी होता है। इसकी भी फीस अदा करनी होती है। यह शुल्क सभी वाहनों पर आरटीओ की तरफ से पंजीकृत किया जाता है। इस शुल्क में नंबर प्लेट सहित अन्य कीमतें जुड़ी होती हैं। रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपके वाहन कररो अधिकृत रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाता है। इस संख्या में राज्य और एरिया का कोड भी होता है। इस कोड से पता चलता है कि यह किस राज्य और जिले की गाड़ी है है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पर चार अंकों का नंबर होता है। यही सब नंबर प्लेट पर भी दर्ज होता है।
टैक्स
टैक्स भी राज्य के हिसाब से अलग अलग होता है। यह वाहन के रजिस्ट्रेशन की अवधि के दौरान एक बार दिया जाता है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा एक प्रक्रिया के रूप में डीलरशिप पर Tax Collected source (TCS) लगाया जाता है। यह केवल उन्ही वाहनों पर लगाया जाता है जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 10 लाख से ज्यादा होती है। वाहन खरीदने वाले को इसका एक पेपर भी दिया जाता है। यह जून 2016 के बाद से एक्स शोरूम कीमत का एक फीसदी है। वहीं इनकम टैक्स भरते समय खरीदार के खाते में यह रकम वापस कर दी जाती है।
बीमा
डीलर कार को बेचते समय वाहन की एक्स शोरूम लागत में इंश्योरेंस भी जोड़ते हैं। हालांकि यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपने कौन सी पॉलिसी ली है। इसके अलावा नए वाहन पर कंपनी की ओर से एक्सटेंडेड वारंटी, एसेसरीज, सालाना मेंटेनेंस पैकेज का शुल्क भी ग्राहक से ही वसूला जाता है। इसकी सारी कीमत वाहन की एक्स-शोरूम कीमत में ही जोड़ दी जाती है। वहीं इन सभी को जोड़ने के बाद कार की फाइनल कीमत निकलती है जिसे हम ऑन रोड कीमत कहते हैं।