देशभर में हर दिन लाखों वाहन एक्सप्रेसवे और हाईवे से गुजरते हैं। सड़कें भले ही बेहतर और सफर तेज हो गया है। साथ ही नियम भी अब पहले से ज्यादा सख्त हो चुके हैं। ऐसे में अगर आपके वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज अधूरे हैं या उनकी वैधता खत्म हो चुकी है, तो टोल प्लाजा पर ही ई-चालान कट सकता है।
E-Challan: टोल प्लाजा पर तुरंत कटेगा ई-चालान, इन वाहनों पर होगी कार्रवाई, क्या आपकी गाड़ी भी है इस दायरे में?
उत्तर प्रदेश में बड़े एक्सप्रेसवे पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया जा रहा है। टोल प्लाजा पर हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं।
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किन वाहनों पर तुरंत चालान किया जाएगा?
उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया जा रहा है। टोल प्लाजा पर लगाए गए हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे।
यह जानकारी सीधे केंद्रीय डेटाबेस से मिलाई जाएगी।
सिस्टम अपने-आप जांच करेगा कि-
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वाहन का इंश्योरेंस वैध है या नहीं
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प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) अपडेट है या नहीं
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फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर तो नहीं
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परमिट वैध है या नहीं
अगर किसी भी दस्तावेज में गड़बड़ी मिली, तो बिना किसी पुलिसकर्मी के हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक ई-चालान जनरेट हो जाएगा। शुरुआत में यह व्यवस्था प्रमुख रूट्स पर लागू होगी और बाद में अन्य हाईवे पर भी विस्तार किया जाएगा।
किन मामलों में चालान कटेगा और कितना जुर्माना लगेगा?
डिजिटल सिस्टम के तहत अलग-अलग उल्लंघनों पर अलग जुर्माना तय किया गया है-
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वाहन बीमा (इंश्योरेंस) वैध न होने पर:
2,000 रुपये तक का चालान -
पीयूसी सर्टिफिकेट न होने पर:
10,000 रुपये तक का जुर्माना -
फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर होने पर:
पहली बार 5,000 रुपये, दोबारा 10,000 रुपये तक जुर्माना -
वैध परमिट के बिना वाहन चलाने पर:
10,000 रुपये का जुर्माना
चालान की जानकारी कैसे मिलेगी?
ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम पर दर्ज होगा और इसकी जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।
इसलिए यह जरूरी है कि वाहन के रजिस्ट्रेशन विवरण और मोबाइल नंबर सही और अपडेट हों।
चालान से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
यात्रा पर निकलने से पहले थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है-
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ऑनलाइन अपने सभी दस्तावेज जांच लें
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इंश्योरेंस, पीयूसी और फिटनेस सर्टिफिकेट की एक्सपायरी डेट जरूर देखें
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समय रहते सभी दस्तावेज रिन्यू कराएं
अब सिर्फ टोल टैक्स देना काफी नहीं है, क्योंकि डिजिटल सिस्टम हर जानकारी तुरंत पकड़ लेता है।