केंद्रीय सरकार की इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए FAME (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) II सब्सिडी योजना मार्च 2024 में खत्म हो रही है। हालांकि, एक नए चरण (FAME III) की संभावना कम है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा एक नई योजना लागू होने तक मौजूदा योजना को एक वर्ष तक बढ़ाने की बात चल रही है। मौजूदा FAME II योजना 10,000 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ दोपहिया, तिपहिया और चौपहिया वाहनों को कवर करती है।
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यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले बजट में अतिरिक्त संसाधन आवंटित किए जा सकते हैं, बशर्ते वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिले। हाल ही में, फेडरेशन ऑफ इंडिया चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) (फिक्की) ने भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) को एक प्रस्ताव सौंपा, जिसमें फेम III योजना शुरू करने की मांग की गई थी। अगले 5 वर्षों में इसके लिए 30,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होने का अनुमान है।
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दूसरी तरफ, कुछ सरकारी अधिकारियों का तर्क है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं, जो अब तक इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं, उन्हें आगे सरकारी समर्थन की जरूरत नहीं पड़ सकती है। वास्तव में, भारी उद्योग मंत्रालय ने पिछले साल मई में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए प्रति किलोवाट घंटे पर 15,000 रुपये की सब्सिडी को घटाकर 10,000 रुपये कर दिया था। अब कुल सब्सिडी E2W के एक्स- फैक्टरी मूल्य के 15 प्रतिशत तक सीमित है। जिसकी अधिकतम सीमा 1.50 लाख रुपये है, जो पहले की 40 प्रतिशत सीमा से उलट है।
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सरकार का मानना है कि फोकस अब इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इकोसिस्टम में निवेश की ओर शिफ्ट होना चाहिए। 1 दिसंबर, 2023 तक, सरकार ने सब्सिडी में 5,228 करोड़ रुपये का वितरण किया है। हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि आठ साल के बाद फेम सब्सिडी खत्म होगी या नहीं, जिससे ईवी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इस योजना ने देश भर में व्यापक ईवी अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।