अगर कार करोड़ों की हो और साथ में नंबर वीआईपी मिल जाए तो जलवा ही क्या। लोग गाड़ियां खरीदने में लाखों-करोड़ों खर्च कर देते हैं, वहीं ऐसी शानदार कारों के साथ नंबर भी यूनीक होना चाहिए। यही वजह है कि लोग वीआईपी नंबर खरीदने के लिए लाखों खर्च करने से गुरेज नहीं करते। गुजरात के राजकोट के गोविंदभाई ऐसे ही शख्स हैं, जिन्होंने अपनी कार पर वीआईपी नंबर के लिये लाखों रुपये खर्च कर दिये।
‘जेम्स बॉन्ड’ की दीवानगी में खर्च किए लाखों, लेकिन 'वीआईपी' बनने के बाद भी नहीं हैं खुश
खरीदी GLC 220D 4MATIC SUV
गुजरात के राजकोट में पेशे से बिल्डर गोविंदभाई हंसराजभाई परसाना ने हाल ही में नई मर्सिडीज बेंच GLC 220D 4MATIC SUV खरीदी है, जिसकी कीमत 63 लाख रुपये है, वहीं उन्होंने अपनी इस कार के लिये खास नंबर खरीदा और नीलामी के दौरान उन्होंने 19 लाख रुपए की बोली लगा कर अपना पसंदीदा GL03 LB 0007 नंबर हासिल कर लिया। इसके साथ ही गोविंदभाई हंसराजभाई गुजरात के पहले व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने खास नंबर प्लेट के लिये सबसे ज्यादा कीमत चुकाई है। असल में गोविंदभाई हंसराजभाई जेम्स बॉन्ड के फैन हैं और उन्हें 007 नंबर बेहद पसंद है। जिसके लिये उन्होंने 19 लाख रुपये खर्च करने से भी गुरेज नहीं किया।
सात नंबर भगवान गणेश का प्रतीक
वह कहते हैं कि 7 नंबर उनके लिये बेहद लकी है। वह बताते हैं कि गुजराती में सात नंबर भगवान गणेश का प्रतीक है। हालांकि भगवान गणेश समृद्धि के लिये जाने जाते हैं, लेकिन यहां गोविंदभाई हंसराजभाई को अपनी लकी नंबर पाने के लिये लाखों खर्च करने पड़ गए। हालांकि उन्हें इस बात का मलाल है कि वे अपनी नई कार पर सात नंबर को गुजराती में नहीं लिख सकते हैं, क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है।
बने गुजरात के पहले व्यक्ति
8.53 लाख रुपये खर्च किए
वहीं राजकोट के ही एक और नीलामीकर्ता उपेन्द्र ने भी हाल ही में रेंज रोवर खरीदी है, वहीं उन्होंने GJ 03 LB 0001 फैंसी नंबर के लिये 8.53 लाख रुपये खर्च कर दिए। उपेंद्र इससे पहले भी 0001 नंबर पाने के लिये लाखों खर्च कर चुके हैं। उनका कहना है कि यह नंबर उनके दिल के करीब है। इससे पहले उन्होंने अपनी एसयूवी पर यही नंबर पाने के लिये साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। अहमदाबाद में इस सीरीज के लिये जुलाई में क्लासिक नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड ने 0001 नंबर के लिये 6.71 लाख रुपये खर्च किए थे। अहमदाबाद आरटीओ के इतिहास में यह अब तक की सबसे ऊंची बोली है।