गाड़ी को परचेज करते समय हम लोग उसकी इंश्योरेंस पॉलिसी को भी खरीदते हैं। भविष्य में अगर दुर्भाग्यवश कोई वाहन संबंधी घटना होती है, तो उस समय हमें इंश्योरेंस क्लेम मिल जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको उन कारणों के बारे में बताने वाले हैं, जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से -
नेम ट्रांसफर इन द नेम ऑफ पॉलिसी
अक्सर जब हम अपने सेकेंड हैंड वाहन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेचते हैं, तो उस वक्त वाहन की आरसी को नए ऑनर के नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहीं इंश्योरेंस का जो क्लेम रहता है वो पुराने ऑनर के नाम पर ही रहता है। इन परिस्थितियों में जिस व्यक्ति के नाम पर वाहन होता है और जिसके नाम पर इंश्योरेंस होता है दोनों ही इंश्योरेंस के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रखें कि वाहन को खरीदते वक्त इंश्योरेंस का ट्रांसफर जरूर करवाएं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपके वाहन का मोटर बीमा क्लेम खारिज हो जाएगा।
2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
लाइसेंस के ना होने पर
अक्सर कई बार हम अपनी गाड़ी को किसी दूसरे व्यक्ति को ड्राइव करने के लिए देते हैं। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को अपनी गाड़ी दे रहे हैं, जिसके पास वैलिड लाइसेंस नहीं है और वाहन और उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो इस स्थिति में आपका इंश्योरेंस क्लेम खारिज कर दिया जाएगा।
3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
पर्सनल कार का कमर्शियल कामों के लिए उपयोग करने पर
अगर आप अपनी पर्सनल कार का इस्तेमाल कमर्शियल कार्यों लिए कर रहे हैं, तो आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाएगा। इस स्थिति में आप अपना इंश्योरेंस क्लेम नहीं कर पाएंगे।
4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
नशा करके गाड़ी को ड्राइव करने पर
अगर आप नशे में अपने वाहन को ड्राइव कर रहे हैं और दुर्भाग्यवश कोई घटना हो जाती है, तो इस स्थिति में आपकी गाड़ी के इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। नशा करके कभी भी गाड़ी को ड्राइव नहीं करना चाहिए। ये आपके स्वयं के लिए तो घातक है ही, साथ में दूसरों पर भी खतरा आ सकता है।