{"_id":"5eabe14b8ebc3e90274502b0","slug":"maruti-suzuki-gypsy-modified-photos-maruti-suzuki-gypsy-customized-snowmobile-customized-suv-customized-cars-in-india-maruti-suzuki-gypsy-new-model","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Maruti Gypsy को बना दिया 'बर्फीले पहाड़ों की रानी', कस्टमाइज्ड अवतार कर देगा हैरान","category":{"title":"Auto News","title_hn":"ऑटो न्यूज़","slug":"auto-news"}}
Maruti Gypsy को बना दिया 'बर्फीले पहाड़ों की रानी', कस्टमाइज्ड अवतार कर देगा हैरान
Fri, 01 May 2020 02:13 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 01 May 2020 02:13 PM IST
विज्ञापन
Maruti Suzuki Gypsy
- फोटो : Team-BHP
Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) के सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पादों में से एक थी Gypsy (जिप्सी)। यह भारतीय बाजार में ब्रांड द्वारा लॉन्च की गई पहली 4×4 गाड़ी थी, हालांकि इसे लंबे समय से बंद कर दिया गया है। इसके पावरफुल परफॉर्मेंस और 'रफ एंड टफ' अंदाज की वजह से पुलिस फोर्स के साथ-साथ भारतीय सेना में यह सबसे अधिक डिमांड वाली एसयूवी में शुमार थी।
Maruti Suzuki Gypsy
- फोटो : Team-BHP
पसंदीदा ऑफ-रोडर
Maruti Suzuki Gypsy 4×4 एसयूवी अपने दिनों में ऑफ-रोडर वाहन प्रेमियों की पसंदीदा रही है। हालांकि भारतीय बाजारों में इस एसयूवी को काफी पहले बंद कर दिया गया है, लेकिन गाड़ियों को कस्टमाइज करने वाले कलाकार हमें इस एसयूवी को अलग-अलग अवतारों के साथ पेश कर चौंकाते रहते हैं। हाल ही में एक मारुति जिप्सी को कस्टमाइज कर एक Snowmobile (स्नोमोबाइल) में बदल दिया है और इसे देखना बहुत ही दिलचस्प अनुभव है।
Maruti Suzuki Gypsy 4×4 एसयूवी अपने दिनों में ऑफ-रोडर वाहन प्रेमियों की पसंदीदा रही है। हालांकि भारतीय बाजारों में इस एसयूवी को काफी पहले बंद कर दिया गया है, लेकिन गाड़ियों को कस्टमाइज करने वाले कलाकार हमें इस एसयूवी को अलग-अलग अवतारों के साथ पेश कर चौंकाते रहते हैं। हाल ही में एक मारुति जिप्सी को कस्टमाइज कर एक Snowmobile (स्नोमोबाइल) में बदल दिया है और इसे देखना बहुत ही दिलचस्प अनुभव है।
Maruti Gypsy Snowmobile
- फोटो : Social Media
जिप्सी बनी स्नोमोबाइल
कस्टमाइज्ड मारुति जिप्सी की बात करें तो यह एसयूवी ऊपर से लगभग वैसी ही दिखती है। लेकिन जैसे ही आप इस कार के निचले हिस्से को देखते हैं आपको लगेगा कि ये कोई टैंक है क्या। कस्टमाइज्ड जिप्सी के चारों पहियों पर टैंक के ट्रैक चढ़ा दिए गए हैं। ये टैंक ट्रैक इतने बड़े हैं कि ये एसयूवी बर्फ में भी आसानी से कहीं भी जा सकती है।
कस्टमाइज्ड मारुति जिप्सी की बात करें तो यह एसयूवी ऊपर से लगभग वैसी ही दिखती है। लेकिन जैसे ही आप इस कार के निचले हिस्से को देखते हैं आपको लगेगा कि ये कोई टैंक है क्या। कस्टमाइज्ड जिप्सी के चारों पहियों पर टैंक के ट्रैक चढ़ा दिए गए हैं। ये टैंक ट्रैक इतने बड़े हैं कि ये एसयूवी बर्फ में भी आसानी से कहीं भी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Maruti Gypsy Snowmobile
- फोटो : Social Media
पहियों में लगाया टैंक ट्रैक्स
कस्टमाइज करने वालों ने मारुति जिप्सी SUV की चारों पहियों को एक टैंक ट्रैक के साथ पेश किया है। इस टैंक ट्रैक की लंबाई लगभग 5 से 7 फीट और चौड़ाई 3 से 4 फीट है। ये चारों ट्रैक एक साथ काम करते हैं जिससे यह SUV पूरी तरह से एक शानदार स्नोमोबाइल में बदल जाती है, जिससे यह बड़ी मात्रा में बर्फ से निपट सकती है और साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहद उपयोगी साबित होगी।
कस्टमाइज करने वालों ने मारुति जिप्सी SUV की चारों पहियों को एक टैंक ट्रैक के साथ पेश किया है। इस टैंक ट्रैक की लंबाई लगभग 5 से 7 फीट और चौड़ाई 3 से 4 फीट है। ये चारों ट्रैक एक साथ काम करते हैं जिससे यह SUV पूरी तरह से एक शानदार स्नोमोबाइल में बदल जाती है, जिससे यह बड़ी मात्रा में बर्फ से निपट सकती है और साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भी बेहद उपयोगी साबित होगी।
विज्ञापन
Maruti Suzuki Gypsy
- फोटो : Team-BHP
स्पीड को लेकर संशय
कस्टमाइज्ड मारुति जिप्सी के टायरों के लिए जिस डिजाइन और स्टाइल का इस्तेमाल किया गया है वो आशचर्य पैदा करता है कि क्या इस एसयूवी का उपयोग दलदली क्षेत्रों के साथ-साथ रेतीले इलाकों में भी किया जा सकता है। इसके डिजाइन में बहुत नयापन है, लेकिन इसके बावजूद पहियों में टैंक ट्रैक दिए जाने से इसका वजन असाधारण रूप से बहुत ज्यादा हो गया है जिससे ऐसी आशंका है कि यह तेज रफ्तार से नहीं दौड़ेगी।
कस्टमाइज्ड मारुति जिप्सी के टायरों के लिए जिस डिजाइन और स्टाइल का इस्तेमाल किया गया है वो आशचर्य पैदा करता है कि क्या इस एसयूवी का उपयोग दलदली क्षेत्रों के साथ-साथ रेतीले इलाकों में भी किया जा सकता है। इसके डिजाइन में बहुत नयापन है, लेकिन इसके बावजूद पहियों में टैंक ट्रैक दिए जाने से इसका वजन असाधारण रूप से बहुत ज्यादा हो गया है जिससे ऐसी आशंका है कि यह तेज रफ्तार से नहीं दौड़ेगी।