आजकल कार को खरीदने के ज्यादा उसका मेंटेंनेस मुश्किल हो गया है। हर कोई ऐसी कार को खरीदना चाहता है जो उसके बजट में भी हो साथ ही मेंटेंनेस में भी उसकी जेब ढीली ना करें।कार को खरीदने के बाद लगातार उसका इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर, स्पार्क प्लग, फ्यूल फिल्टर, अलायमेंट बैलेंसिंग और लेबर चार्ज आदि के खर्च काफी बढ़ जाते हैं। जिसका भार ग्राहक की जेब पर पड़ता है। आज हम ऐसी कारों के बारे में आपको बताएंगे जिनका मेंटेंनेस खर्च कम है।
जानें कौन-सी हैं वो पांच कार जिनका मेंटेंनेस है बेहद कम
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रेनो क्विड
हैचबैक कार रेनो क्विड भी इस सुची में अपने पैर जमाये हुए है। रेनो क्विड ने भारतीय बाज़ार में एक अलग और नई पहचान बनाई है. क्विड के ज़रिए रेनो ने भी भारतीय बाज़ार में अपनी उपस्थिति पहले से मज़बूत की है। रेनो क्विड खरीदने में सस्ती तो है ही, साथ ही इसका मेंटेनेंस भी आपकी जेब पर ज्यादा बोझ नहीं डालेगा. रेनो क्विड के मेंटेनेंस की बात करें तो इस कार पर सर्विस के दौरान मात्र 2000 रुपये तक का खर्च आता है।
मारुति सुजुकी ऑल्टो 800 और ऑल्टो के10
बात चाहे माइलेज की हो या फिर मेंटेंनेस की मारुति की कारें सबसे अव्वल रहती हैं। मारुति की कारों में सबसे लोकप्रिय कार अल्टो800 और अल्टो के10 कम कीमत के साथ मेंटेंनेस में भी नंबर वन है। दोनों ही कारों की तीन सर्विस मुफ्त हैं। इससे आगे की सर्विस में कंपनी बस 2400 रुपये से 3200 तक ग्राहक से लकती है।
मारुति सुजुकी स्विफ्ट के साथ भी कंपनी द्वारा 3 फ्री सर्विस दी जाती हैं। पहली मुफ्त सर्विस 1000 किमी या 1 महीने में मिलती है। दूसरी सर्विस 5000 km या 6 महीने और तीसरी सर्विस 10,000 km या 12 महीने में मिलती है। इसमें इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर और एयर फिल्टर बदला जाता है। स्विफ्ट की पहली साल की मेंटेनेंस कॉस्ट 2100 रुपए, दूसरे साल 4200 रुपए और तीसरे साल 3300 रुपए पड़ती है। जो कि इस कार के हिसाब से काफी कम है।
टोयोटा की कारों में बार बार ट्रांसमिशन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। इटियोस कार की पहली सर्विस (1000 किमी. पर) मुफ्त रहती है। दूसरी सर्विस (10 हजार किमी.) का खर्च 1350 रुपए, तीसरी सर्विस (20 हजार किमी.) का खर्च 2350 रुपए और चौथी सर्विस (30 हजार किमी.) का खर्च 3194 रुपए आता है। 6 साल के मेंटेनेंस खर्च का औसत करीब 18 हजार रुपए आता है।