कार के साइज को लेकर भारतीय बड़े चूजी हो गए हैं। अब उनकी च्वाइस एंट्री सेगमेंट की बजाय बिग साइज हो रही है। वो वक्त गया जब भारतीय मिनी कारों को तरजीह देते थे, बल्कि अब वे पार्किंग स्पेस की बजाय बूट स्पेस को तरजीह दे रहे हैं। कई सालों से कार बाजार में नंबर वन का झंडा गाड़ चुकी ऑल्टो कार अब भारतीयों की पहली पसंद नहीं रही है, बल्कि अब उन्हें ड्रीम सेडान कारें भाने लगी हैं।
‘ड्रीम’ कारों पर भारतीय हो रहे फिदा, छोटी कारें लग रहीं ‘बकवास’
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स्विफ्ट डिजायर की बिक्री 17.6 प्रतिशत बढ़ी
14 सालों तक कार बाजार में नंबर वन पोजिशन पर रह चुकी मारुति ऑल्टो को मारुति कंपनी की ही कार स्विफ्ट डिजायर ने पीछे छोड़ दिया है। साल 2018 में ऑल्टो की बिक्री में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि डिजायर की बिक्री 17.6 प्रतिशत बढ़ी है। साल 2018 में अप्रैल-नवंबर के दौरान मारुति ने 1,69,343 ऑल्टो बेचीं, जबकि उसी अवधि में साल 2017 में मारुति ने 1,75,996 ऑल्टो की ब्रिकी थी। उस दौरान ऑल्टो देश का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा था।
बलेनो की बिक्री में 20 प्रतिशत बढ़ी
बात करें, मारुति डिजायर की, तो अप्रैल-नवंबर, 2018 में 1,82,139 गाड़ियां बिकीं। वहीं एक साल पहले 2017 में इसी अवधि में मारुति ने 1,53,303 डिजायर कारें बेची थीं। वहीं स्विफ्ट की बात करें, तो कंपनी ने इस दौरान 1,60,897 स्विफ्ट कारें बेंची थीं, जबकि अप्रैल-नवंबर में यह आंकड़ा 33.6 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 1,15,192 स्विफ्ट कारों का रहा। जबकि बलेनो की बिक्री में 20 प्रतिशत, विटारा ब्रेजा की बिक्री में 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं वैगन आर की बिक्री में 8.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
नवंबर, 2018 में हुंडई इऑन की एक कार बिकी
वहीं कुछ ऐसा ही कोरियन कार कंपनी हुंडई मोटर्स के साथ रहा। हुंडई की छोटी कारों की बिक्री में भारी गिरावट रही। यहां तक कि हुंडई की एंट्री सेंगमेंट की कार हुंडई इऑन हैचबैक की नवंबर में केवल एक कार बिकी थी। तब खबरें आई थी कि हुंडई अपनी इस कार को बंद कर सकती है। अक्टूबर 2018 में इऑन की सिर्फ 5 यूनिट ही बिक पाई थीं। 2018 में ग्रैंड आई10 की बिक्री में 13.2 प्रतिशत की गिरावट हुई, जबकि ह्यूंदै आई20 और क्रेटा की बिक्री में क्रमश: 10 और 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
जानें, क्या है वजह?
ऑटो एक्सपर्ट इसकी वजह सेफ्टी के साथ कंफर्ट को बताते हैं। उनका कहना है कि एबीएस और एयरबैग्स जैसे सेफ्टी फीचर्स लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं, वहीं कंफर्ट में ज्यादा बूट स्पेस, पॉवर विंडो और लग्जरी इंटीरियर जैसे फीचर उन्हें पसंद आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहली बार कार खरीदने वाले खरीदार कम हो रहे हैं, जबकि अपग्रेड करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। जिसके चलते एंट्री सेगमेंट की कारों में बिक्री कम दर्ज की गई है।