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चेतावनी : पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजें, दिल्ली सरकार ने मालिकों को जारी किया नोटिस

Tue, 31 Aug 2021 09:17 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 31 Aug 2021 09:17 PM IST
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Delhi government issues notice to vehicle owners to Scrap old vehicles at authorised centres scrap policy implementation scrapping of old vehicles in delhi
Old vehicles scrap - फोटो : For Reference Only
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहन कबाड़ नीति को लागू करने की कोशिश में, दिल्ली सरकार ने उन सभी वाहन मालिकों को नोटिस जारी किया है जो अभी भी शहर में अपने पुराने वाहन चला रहे हैं। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने लोगों को अपने 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को सड़क से दूर रखने की सलाह दी है। सरकार ने लोगों को ऐसे वाहनों को अधिकृत केंद्रों पर स्क्रैप करवाने की भी सलाह दी है।


सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए डीजल और पेट्रोल वाहनों को जब्त करने के लिए, नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि भले ही हर तरह के वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (पंजीकरण प्रमाण पत्र) की 15 साल की वैधता है, लेकिन 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को सड़कों से दूर रखा जाना चाहिए।  हालांकि, यह भी कहा कि ऐसे वाहनों को संबंधित अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) हासिल करने के बाद अन्य राज्यों में पंजीकृत किया जा सकता है।
 
Delhi government issues notice to vehicle owners to Scrap old vehicles at authorised centres scrap policy implementation scrapping of old vehicles in delhi
पुराने वाहन - फोटो : For Reference Only
दिल्ली के परिवहन विभाग ने सोमवार को एक नोटिस जारी किया जिसमें लिखा था, "10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे इन वाहनों को दिल्ली / एनसीआर में सड़कों पर न चलाएं और आगे सलाह दी कि परिवहन विभाग के अधिकृत स्क्रैपर्स के जरिए ऐसे एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों को स्क्रैप करवाएं।" 
Delhi government issues notice to vehicle owners to Scrap old vehicles at authorised centres scrap policy implementation scrapping of old vehicles in delhi
पुराने वाहन - फोटो : For Reference Only
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में दोपहिया सहित करीब 37 लाख ऐसे वाहन हैं, जिन्हें एंड-ऑफ-लाइफ वाहन या अनफिट वाहन माना जाता है, लेकिन ये अभी भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में दिल्ली राज्य में एक करोड़ से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। दिल्ली अक्सर गंभीर प्रदूषण के मुद्दों से जूझती है और सरकार ने इसके पीछे प्रमुख कारणों में से एक प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि, दिल्ली देश का पहला राज्य था जिसने वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए साल 2016 में सम-विषम (ऑड-ईवन) नीति को लागू किया था।
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Delhi government issues notice to vehicle owners to Scrap old vehicles at authorised centres scrap policy implementation scrapping of old vehicles in delhi
Old vehicles scrap - फोटो : For Reference Only
इससे पहले इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज नीति को लॉन्च किया। केंद्र ने 20 साल बाद निजी वाहनों और 15 साल बाद व्यावसायिक वाहनों के लिए फिटनेस टेस्ट के निर्देश दिए हैं। इसने फिटनेस टेस्ट पास करने पर पुराने वाहनों को चलाने की भी इजाजत दी। इस नीति का उद्देश्य भारत में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फेसिलिटीज (RSVF) और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के रूप में स्क्रैपिंग बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। 
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Delhi government issues notice to vehicle owners to Scrap old vehicles at authorised centres scrap policy implementation scrapping of old vehicles in delhi
पुराने वाहन - फोटो : For Reference Only
वहीं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) का कहना है कि देश भर में लगभग एक करोड़ ऐसे अनफिट वाहन हैं, जिन्हें तत्काल रिसाइकिल करने की जरूरत है। हैवी कमर्शियल व्हीकल्स के लिए अनिवार्य फिटनेस टेस्ट आगामी एक अप्रैल, 2023 से लागू होगा, और यह एक जून, 2024 से अन्य सभी श्रेणी के वाहनों के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। 
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