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ग्लोबल टाइम्स के दंभ से भरे ट्वीट पर आनंद महिंद्रा का करारा जवाब, उकसाने के लिए धन्यवाद
Tue, 30 Jun 2020 08:19 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 30 Jun 2020 08:19 PM IST
सार
- चाइनीज एप्स पर पाबंदी लगाने के बाद चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादक की हेकड़ी नहीं गई है और दंभ भरा ट्वीट किया।
- महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर मुंह तोड़ जवाब देते हुए राष्ट्रवादी जज्बे का इजहार किया है।
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Anand Mahindra
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत सरकार ने सोमवार को 59 चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगाया है जिसमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर और कैम स्कैनर जैसे पॉपुल एप्स शामिल हैं। इस पाबंदी से तिलमिलाया चीन अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला दे रहा है। वहीं चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादक की हेकड़ी नहीं गई है और चाइनीज एप्स पर पाबंदी लगाने के बाद भारत को नीचा दिखाने की कोशिश की है। लेकिन सोशल मीडिया में सक्रिया रहने वाले भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra (महिंद्रा) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर मुंह तोड़ जवाब देते हुए राष्ट्रवादी जज्बे का इजहार किया है।
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ग्लोबल टाइम्स का दंभ भरा ट्वीट
ग्लोबल टाइम्स चीन से प्रकाशित होने वाला अंग्रेजी अखबार है। यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पीपुल्स डेली अखबार के तत्वावधान में एक दैनिक अखबार है जो राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करता है।
ग्लोबल टाइम्स के संपादक Hu Xijin (हू शीझिन) ने ट्वीटर पर लिखा, "अगर चीनी लोग भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करना भी चाहते हों, तो वे असल में ऐसे भारतीय सामान नहीं खोज पाएंगे। भारतीय दोस्तों, आपके पास कुछ ऐसी चीजें होनी चाहिए जो राष्ट्रवाद से ज्यादा महत्वपूर्ण हों।"
ग्लोबल टाइम्स चीन से प्रकाशित होने वाला अंग्रेजी अखबार है। यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पीपुल्स डेली अखबार के तत्वावधान में एक दैनिक अखबार है जो राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करता है।
Well, even if Chinese people want to boycott Indian products, they can't really find many Indian goods. Indian friends, you need to have some things that are more important than nationalism. pic.twitter.com/6zauhqYbXH
— Hu Xijin 胡锡进 (@HuXijin_GT) June 29, 2020
ग्लोबल टाइम्स के संपादक Hu Xijin (हू शीझिन) ने ट्वीटर पर लिखा, "अगर चीनी लोग भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करना भी चाहते हों, तो वे असल में ऐसे भारतीय सामान नहीं खोज पाएंगे। भारतीय दोस्तों, आपके पास कुछ ऐसी चीजें होनी चाहिए जो राष्ट्रवाद से ज्यादा महत्वपूर्ण हों।"
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आनंद महिंद्रा का करारा जवाब
ग्लोबल टाइम्स के संपादक की इस ट्वीट का जवाब देते हुए आनंद महिंद्रा ने लिखा, "मुझे लगता है कि यह टिप्पणी जो इंडिया इंक को पहली बार मिली है, सबसे प्रभावी और प्रेरक साबित हो सकती है। हमें उकसाने के लिए धन्यवाद। हम इस अवसर को साबित करके दिखाएंगे।"
I suspect this comment might well be the most effective & motivating rallying cry that India Inc. has ever received. Thank you for the provocation. We will rise to the occasion...🙏🏽 https://t.co/LZbQhS8xVW
— anand mahindra (@anandmahindra) June 30, 2020
ग्लोबल टाइम्स के संपादक की इस ट्वीट का जवाब देते हुए आनंद महिंद्रा ने लिखा, "मुझे लगता है कि यह टिप्पणी जो इंडिया इंक को पहली बार मिली है, सबसे प्रभावी और प्रेरक साबित हो सकती है। हमें उकसाने के लिए धन्यवाद। हम इस अवसर को साबित करके दिखाएंगे।"
चीन का विदेश मंत्रालय तिलमिलाया
बता दें कि टिक टॉक समेत 59 चीनी एप्स पर पाबंदी से तिलमिलाया चीन अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देने लगा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि हम इससे चिंतित हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-विनियमों का पालन करने के लिए कहती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पर चीनी निवेशकों सहित अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
बता दें कि टिक टॉक समेत 59 चीनी एप्स पर पाबंदी से तिलमिलाया चीन अब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देने लगा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि हम इससे चिंतित हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-विनियमों का पालन करने के लिए कहती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार पर चीनी निवेशकों सहित अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी है।
चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की मांग
भारत-चीन सीमा पर गलवां घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद से ही चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की मांग हो रही थी। कुछ दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों ने 52 चाइनीज एप्स को लेकर अलर्ट जारी किया था, हालांकि सरकार के 59 एप्स के प्रतिबंध वाले आदेश में सीमा विवाद की चर्चा नहीं है। भारत सरकार ने इन एप्स पर निजता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर प्रतिबंध लगाया है।
बता दें कि गलवां घाटी में हुए संघर्ष के बाद सीमा पर स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों ने एलएसी से लगे इलाकों में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी। दोनों देशों के करीब 250 सैनिकों के बीच गत पांच और छह मई को पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो क्षेत्र में झड़प हुई थी। इसके बाद नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गए थे।
भारत-चीन सीमा पर गलवां घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद से ही चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार की मांग हो रही थी। कुछ दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों ने 52 चाइनीज एप्स को लेकर अलर्ट जारी किया था, हालांकि सरकार के 59 एप्स के प्रतिबंध वाले आदेश में सीमा विवाद की चर्चा नहीं है। भारत सरकार ने इन एप्स पर निजता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर प्रतिबंध लगाया है।
बता दें कि गलवां घाटी में हुए संघर्ष के बाद सीमा पर स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों ने एलएसी से लगे इलाकों में अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी। दोनों देशों के करीब 250 सैनिकों के बीच गत पांच और छह मई को पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग त्सो क्षेत्र में झड़प हुई थी। इसके बाद नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गए थे।