ज्यादातर लोग मानते हैं कि 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कारें सबसे सुरक्षित होती हैं, लेकिन एक्सीडेंट की स्थिति में सिर्फ रेटिंग ही नहीं, कई और फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं। दरअसल, ये रेटिंग सीमित स्थितियों में किए गए टेस्ट पर आधारित होती है। ऐसे में कई बार असल सड़क हादसों में सेफ्टी फीचर्स भी फेल हो जाते हैं। आइए जानते किछ ऐसे हालातों के बारे में जब एक 5-स्टार कार भी आपकी जान नहीं बचा सकती।
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तेज रफ्तार में टक्कर
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तेज रफ्तार में टक्कर
क्रैश टेस्ट आमतौर पर 64 किमी/घंटा की स्पीड पर किए जाते हैं, जबकि असली सड़क पर हादसे 80, 100, 120 किमी/घंटा या इससे भी अधिक स्पीड पर हो सकते हैं। इतनी स्पीड में कार पूरी तरह जैमेज हो जाती है और ऐसे में एयरबैग और क्रंपल जोन भी आपकी रक्षा नहीं कर पाते।
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सीट बेल्ट
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बिना सीट बेल्ट के बढ़ता है खतरा
अगर ड्राइवर या पैसेंजर ने सीट बेल्ट नहीं लगाई है, या गलत तरीके से लगाई है, तो एयरबैग खुलने पर भी गंभीर चोट लग सकती है या जान जा सकती है।
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साइड और रियर इंपैक्ट
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साइड और रियर इंपैक्ट
कई कारों की सेफ्टी सिर्फ फ्रंट क्रैश तक सीमित होती है। अगर टक्कर साइड या पीछे से होती है, तो नुकसान ज्यादा हो सकता है, खासकर अगर साइड एयरबैग न हों।
ओवरलोडिंग भी बन सकती है जानलेवा
जब कार में तय क्षमता से ज्यादा लोग या वजन होता है, तो ब्रेकिंग और बैलेंसिंग सिस्टम पर असर पड़ता है। ऐसे में एक्सीडेंट के दौरान सेफ्टी फीचर्स का असर कम हो जाता है।