वास्तु के अनुसार घर में हर चीज के रख-रखाव की सही दिशा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है। यदि चीजों को उनके सही स्थान पर न रखा जाए तो घर अव्यवस्थित तो रहता ही है साथ ही इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है, इसलिए हर वस्तु को उसके सही स्थान पर रखना आश्यक होता है। वास्तु के अनुसार छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीजों को भी सही स्थान पर रखना चाहिए। लोग प्रायः दवाइयों को कहीं भी रख देते हैं जो सही नहीं रहता है। किसी भी व्यक्ति के लिए उसका स्वास्थ्य सबसे ज्यादा मायने रखता है क्योंकि जीवन का भरपूर आनंद लेने और आगे बढ़ने के लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है। यदि दवाइयों को गलत स्थान और गलत दिशा में रखा जाए तो व्यक्ति का स्वास्थ सुधरने की बजाए उसपर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। तो चलिए जानते हैं कि किन दिशाओं और कहां पर दवाइयां नहीं रखनी चाहिए।
Vastu Tips: अगर इन दिशाओं में रखते हैं दवाइयां, तो स्वास्थ्य पर होता है बुरा प्रभाव
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किस दिशा में रखें दवाइयां
दवाई समय से लेने के साथ उसका रख-रखाव किस प्रकार हो रहा है इस बात पर भी रोगी का ठीक होना निर्भर करता है। इसलिए दवाइयों को सही दिशा में रखना आवश्यक माना गया है। सही दिशा में रखी गई दवा से जहां सेहत में जल्दी सुधार होता है तो वहीं गलत दिशा में रखी हुई दवा से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। वास्तु के अनुसार दवाइयों को हमेशा उत्तर दिशा और उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सही रहता है। तो वहीं दक्षिण-पूर्व और दक्षिण दिशा में दवाइयों को नहीं रखना चाहिए। माना जाता है यदि दक्षिण दिशा में दवाइयां रखी हो तो परिवार के सदस्य छोटी-छोटी परेशानियों में भी दवा लेना सही समझते हैं, इसलिए दक्षिण में दवाई रखने को मना किया जाता है।
रसोई एक ऐसी जगह होती है जहां काम करते समय हल्का-फुल्की चोट जैसे जलना, कट लगना होता रहता है, इसलिए लोग रसोई में फर्स्ट एड बॉक्स या दवाई के डिब्बे रखते हैं जोकि सही नहीं होता है। वास्तु शास्त्र कहता है कि रसोईघर में कभी भी दवाईयों का डिब्बा नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों और रसोई में कार्य करने वाले के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
इस तरह से न रखें दवाइयां
अक्सर लोग दवा खाने के बाद उसे ऐसे ही टेबल कुर्सी पर रखकर छोड़ देते हैं, लेकिन इससे व्यक्ति का स्वास्थय सही होने के बजाय खराब हो सकता है। दवाइयों में रासायनिक चीजों का प्रयोग होता है और राहु-केतु को रसायनों का प्रतीक माना गया है। खुले में दवाइयां रखने से राहु-केतु के बुरे प्रभाव के कारण रोग बढ़ने लगते हैं। खुले में दवाइयां रखने से उनका असर भी कम हो जाता है, इसलिए दवाओं को हमेशा सही जगह पर और सही प्रकार से रखना चाहिए।