कई बार ऐसा देखने में आता है कि घर तो वास्तु के अनुसार बना हुआ होता है और घर में पंचतत्वों का संतुलन भी ठीक होता है परन्तु परेशानियां फिर भी आपको घेरे रहती हैं। परेशानियों का कारण समझ में नहीं आता और आप परेशान रहते हैं। कई बार आपकी बुरी आदतें घर में वास्तु दोष उत्पन्न कर देती हैं। बस आपको अपनी इन्हीं आदतों को बदलने की जरूरत हैं। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार वे कौनसी आदतें हैं जो आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
वास्तु और ज्योतिष के अनुसार आपकी ये छह आदतें बनती हैं धन के नुकसान का कारण
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न फैलाएं जूते चप्पल
घर में पुराने जूते-चप्पल रखने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है, घर की समस्याएं खत्म होने का नाम ही नहीं लेती। इसी प्रकार जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े होने से घर में कलह बढ़ता है और आपसी संबंध खराब होते हैं। जिस घर में जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े रहते हैं, वहां शनि का दुष्प्रभाव का प्रभाव रहता है। शनि को पैरों का कारक माना गया है इसलिए पैरों से संबंध रखने वाली किसी भी वस्तु को व्यवस्थित रखना चाहिए।
कहीं भी न थूकें
कई लोगों में बार-बार कहीं भी थूक देने की आदत होती है। ऐसा करने से आपके यश, सम्मान और आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है।आपकी इस आदत से बुध और सूर्य ग्रह खराब प्रभाव देना प्रारंभ कर देते हैं।
अकसर महिलाए रात को रसोई में झूठे बर्तन सिंक में छोड़ देती हैं,आपकी ये आदत घर में वास्तुदोष उत्पन्न करती है। इसी प्रकार कई लोगों की थाली में ही हाथ धोने और जूठी थाली को वहीं छोड़कर उठ जाने की आदत होती है। यह आदत शास्त्र विरुद्ध है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता के लिए संघर्ष करना होता है और उनके घरों में बरकत नहीं होती। इससे मानसिक अशांति भी बढ़ती है। कहीं भी जूठे बर्तन छोड़ना या बर्तनों को बिखरा के रखना, आपकी इस आदत से चंद्र और शनि खराब हो जाते हैं।
पानी नहीं पिलाना
अकसर लोगों की आदत होती है कि अपने घर आए मेहमान से पानी तक की भी नहीं पूछते। मेहमान हो या कोई भी जो आपके घर आए उसे सम्मान से स्वच्छ पानी जरूर पिलाना चाहिए। यदि आप भी किसी को पानी की नहीं पूछते तो राहु ग्रह कुपित हो जाता है,जिसके परिणाम स्वरुप घर पर अचानक कोई परेशानी आ सकती है।