जीवन में मान-सम्मान, उच्च पद आखिर कौन नहीं चाहता। लेकिन क्या सभी को यह मिल पाता है? इस सवाल का जवाब है- नहीं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अगर हम इस प्रश्न के मूल पर जाएं तो पता चलता है कि जीवन में प्राप्त होने वाला मान-सम्मान और राजसी जीवन का संबंध सूर्य ग्रह से है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली सूर्य शुभ हो तो उस व्यक्ति को सरकारी सेवा में उच्च पद की प्राप्ति होती है। साथ ही उसे अन्य प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
धन-दौलत और पद-प्रतिष्ठा दिलाता है ये ग्रह, आसानी से निकलवाता है सरकारी काम
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ज्योतिष में सूर्य ग्रह
सूर्य ग्रह सभी ग्रहों का राजा है। वैदिक ज्योतिष में इसे आत्मा, मान-सम्मान, राजा, उच्च पद, सरकारी सेवा, लीडरशिप आदि का कारक माना जाता है। सूर्य ग्रह सिंह राशि का मालिक है। यह तुला राशि में नीच का होता है। जबकि मेष राशि में यह उच्च का होता है। शनि और शुक्र इसके शत्रु ग्रह हैं।
वहीं चंद्र मंगल और गुरु इसके मित्र ग्रह हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य और शनि दोनों ग्रहों में पिता-पुत्र का संबंध है। परंतु दोनों के बीच भयंकर शत्रुता है। यदि किसी की कुंडली में ये दोनों ग्रह एक ही भाव में होते हैं तो ये पिता-पुत्र के संबंधों को खराब करते हैं।
बलवान सूर्य दिलाता है सरकारी जॉब
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत हो तो उस व्यक्ति को सरकारी सेवा में उच्च पद की प्राप्ति होती है। अन्य सरकारी जॉब के लिए भी सूर्य जिम्मेदार है। इसके अलावा व्यक्ति एक राजा के समान अपना जीवन व्यतीत करता है। उसके अंदर गजब की नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। समाज में उसका मान-सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है। अगर आपकी कुंडली में सूर्य मजबूत नहीं है तो ज्योतिष में इसे शक्तिशाली बनाने के भी उपाय बताए गए हैं। जो इस प्रकार हैं -
- रविवार के दिन केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें।
- उगते हुए सूर्य को रोजाना जल चढ़ाएं।
- रविवार को सूर्य देव की उपासना करें।
- सूर्य देव के लिए रविवार का व्रत रखें।
- सूर्य देव के लिए गुड़, लाल पुष्प, तांबा, गेहूं आदि का दान करें।
- कुंडली में सूर्य की मजबूती के लिए माणिक्य रत्न पहनें।
- बेल मूल की जड़ी धारण करें।
- एक मुखी रुद्राक्ष धारण करें।
- सूर्य आराधना के समय ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।