Rahu Ka Meen Rashi me Gochar: राहु और केतु को ज्योतिष शास्त्र में छाया ग्रह माना जाता है। भले ही राहु सबसे शक्तिशाली ग्रहों में से एक है और इसका विशिष्ट महत्व है, यह प्रत्येक राशि में लगभग 18 महीने तक रहता है। नतीजतन, राहु गोचर 2023 मीन राशि में अन्य ग्रहों की तरह सभी राशियों को प्रभावित करेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में मौजूद नौ ग्रह मनुष्य को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। नवग्रहों में राहु ग्रह को पाप ग्रह के रूप में जाना जाता है। हालांकि राहु जातक को सिर्फ अशुभ ही नहीं शुभ फल भी प्रदान कर सकता है। आइए जानते हैं राहु ग्रह कब राशि परिवर्तन करेंगे और इस गोचर के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Rahu Gochar 2023: राहु करेंगे राशि परिवर्तन, ग्रह गोचर में ध्यान रखें 4 बातें, नहीं होगी कोई परेशानी
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कब करेंगे राहु गोचर
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 30 अक्टूबर 2023 दिन सोमवार को राहु मेष राशि से मीन राशि में प्रवेश करने वाले हैं। राहु ग्रह हमेशा उल्टी चाल चलते हैं। यदि राहु जातक की कुंडली में अशुभ स्थान पर विराजमान हों तो व्यक्ति को कई तरह की परेशानी हो सकती है। जिस व्यक्ति की कुंडली में राहु उच्च का होता है, वह व्यक्ति जो बात ठान ले उसे करके ही रहता है। जिन जातकों की कुंडली में राहु होता है वो गलत काम करने से नहीं डरता।
राहु से मिलने वाले शुभ और अशुभ फल
जिस जातक की कुंडली में राहु शुभ घर में विराजमान होते हैं उन्हें अचानक धन लाभ मिलता है। जीवन सुख-समृद्धि से भरा रहता हैवहीं जी जातक की कुंडली में राहु अशुभ स्थान पर विराजमान रहते हैं तो लोग बुरी संगत में पड़ सकते हैं। अशुभ घर में विराजमान राहु मानसिक तनाव, सिरदर्द और अज्ञात भय का कारण भी बन सकता है।
राहु दोष दूर करने के उपाय
- राहु ग्रह की शांति के लिए माँ दुर्गा तथा भैरव देव की आराधना करें।
- राहु ग्रह के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आठ मुखी रुद्राक्ष या नागरमोथा की जड़ धारण करें।
- राहु ग्रह के लिए जौ, सरसो, सिक्का, सात प्रकार के अनाज का दान करें।
- किसी जातक की कुंडली में राहु अशुभ घर में विराजमान है तो उस व्यक्ति को नीले रंग के वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए।
- नशे आदि से खुद को दूर रखना चाहिए अन्यथा राहु की अशुभता में बढ़ोत्तरी हो सकती है.