देवगुरु बृहस्पति अपनी नीच राशि की अवस्था समाप्त करके वक्री अवस्था में ही वापस अपनी राशि धनु में 30 जून की प्रातः 5 बजकर 23 मिनट पर प्रवेश कर चुके हैं। इसी के साथ शनि और गुरु की युति भी समाप्त हो गई है लेकिन गुरु के राशि परिवर्तन से केतु और गुरु की युति पुनः प्रारंभ हो गई है। अब पुनः गुरु मकर राशि में 20 नवंबर को प्रवेश करेंगे और वर्ष पर्यंत उसी राशि में विचरण करेंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति कर्क राशि में उच्च तथा मकर राशि में नीचराशिगत माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का पृथ्वी वासियों पर प्रत्यक्ष प्रभाव दिखाई देता है अतः सभी 12 राशियों के लिए इनकी घर वापसी का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
आज वक्री गुरु का धनु राशि में हुआ राशि परिवर्तन, जानिए किन राशियों के लिए रहेगा शुभ
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 30 Jun 2020 04:37 PM IST
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