वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह एक राशि के दूसरी राशि में संचरण करते हैं और इसी कड़ी में सूर्यदेव 15 मार्च को देवगुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। यह संचरण इसलिए भी ख़ास है क्योंकि मीन राशि में खुद बृहस्पति विराजमान हैं। ऐसे में दोनों की युति सभी राशियों पर असर डालेगी लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हे सावधान रहना होगा। आइये जानते है की वो राशियां कौन सी है।
मेष राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य पंचम स्थान के स्वामी हैं और उनका गोचर बारहवें भाव से होने जा रहा है। आपके लिए यह गोचर अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। इस समय आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना होगा। आपके कार्यस्थल पर आपके शत्रु आपके लिए मुश्किलें पैदा करने की कोशिश करेंगे। इस समय आपको अहंकार से बचने की सलाह दी जाती है। इस गोचर के दौरान आपके मन में नकारात्मक विचार भी आ सकते हैं। इस समय आप अपने पिता की सेहत को लेकर भी परेशान हो सकते हैं।
सिंह राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य लग्न के स्वामी होकर आठवें भाव में गोचर करेंगे जोकि अशुभ भाव है। इस भाव में सूर्य का गोचर शुभ परिणाम नहीं देता है। इस समय आपको अपने सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। आपकी हड्डी में कोई चोट आ सकती है। ससुराल पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक लेनदेन आपको इस समय नहीं करना है। इस समय आपको धन के निवेश को लेकर सावधानी रखने की जरूरत है। किसी को धन उधार देने से बचे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन करवाएं।
धनु राशि - इस राशि के जातकों के लिए सूर्य नवें भाव के स्वामी होते हैं और उनका गोचर अब आपके चौथे भाव से होगा। ज्योतिष के नियम के अनुसार इस भाव में सूर्य मिले जुले परिणाम देने वाला होता है। इस समय आपको सूर्य के इस गोचर के कारण कुछ मानसिक तनाव भी संभव है वहीं आप अपनी माता की सेहत को लेकर भी थोड़े परेशान हो सकते है। सूर्य की सप्तम दृष्टि आपके दशम भाव पर होगी इसलिए इस अवधि में आपको अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत की जरूरत है।