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Bhadra Rajyog: 29 मई से बनेगा शक्तिशाली भद्र राजयोग, क्यों माना जाता है खास?

Thu, 28 May 2026 10:10 PM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shweta Singh Updated Thu, 28 May 2026 10:10 PM IST
सार

Bhadra Rajyog Efffects: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उनसे बनने वाले विशेष योगों का बहुत महत्व माना जाता है। इसी क्रम में जल्द ही एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली योग बनने जा रहा है, जिसे भद्र राजयोग कहा जाता है। यह योग ज्योतिष में बहुत प्रभावशाली माना जाता है और इसका असर कई लोगों के जीवन पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भद्र राजयोग क्या होता है, इसे इतना खास क्यों माना जाता है

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Powerful Bhadra Rajyog Begins on May 29 Know Its Importance in Astrology
भद्र राजयोग - फोटो : amar ujala

Rajyog Benefits: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि ये परिवर्तन व्यक्ति के जीवन, सोच और भाग्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं। जब कोई ग्रह अपनी स्वराशि या उच्च राशि में प्रवेश करता है, तो उससे बनने वाले योग विशेष रूप से शुभ और शक्तिशाली माने जाते हैं। इसी क्रम में 29 मई 2026 से बुध ग्रह के मिथुन राशि में प्रवेश करने पर एक अत्यंत शुभ भद्र राजयोग का निर्माण होगा। यह योग पंच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है और इसे बुद्धि, धन, करियर में उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला राजयोग कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस योग के प्रभाव से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और जीवन में अचानक प्रगति के अवसर प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि भद्र राजयोग को एक अत्यंत प्रभावशाली और दुर्लभ शुभ योग माना जाता है। इसका असर कई लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।


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जब बुध ग्रह कुंडली के केंद्र भावों (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव) में स्थित होकर अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में होता है। - फोटो : adobe

क्या होता है भद्र राजयोग?
भद्र राजयोग ज्योतिष शास्त्र के पंच महापुरुष योगों में से एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है, जो बुध ग्रह से बनता है। यह योग तब बनता है जब बुध ग्रह कुंडली के केंद्र भावों (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव) में स्थित होकर अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में होता है। ऐसे में व्यक्ति की बुद्धि, निर्णय क्षमता और संचार कौशल बेहद मजबूत हो जाते हैं और जीवन में सफलता के अवसर बढ़ते हैं। गोचर की स्थिति में भी जब बुध ग्रह अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करता है, तब भद्र राजयोग का प्रभाव कई राशियों पर शुभ रूप में देखने को मिलता है। इस दौरान व्यक्ति के करियर, व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 29 मई से 22 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह मिथुन राशि में रहेंगे, जिससे इस अवधि में भद्र राजयोग का प्रभाव और अधिक मजबूत माना जा रहा है।

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ब बुध ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति की मानसिक क्षमता बेहतर होती है - फोटो : freepik

भद्र राजयोग क्यों है प्रभावशाली?
भद्र राजयोग को इतना शक्तिशाली इसलिए माना जाता है क्योंकि इसका संबंध सीधे बुध ग्रह से होता है, जो बुद्धि, सोचने-समझने की क्षमता, वाणी, व्यापार और निर्णय लेने की शक्ति का कारक ग्रह है। जब बुध ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति की मानसिक क्षमता बेहतर होती है और वह हर स्थिति में समझदारी से निर्णय लेने में सक्षम हो जाता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, संचार कौशल मजबूत होता है और कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्र राजयोग के प्रभाव से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान मिलता है, आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और करियर में तेज़ी से उन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि इसे एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली राजयोग माना जाता है।

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ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि जब बुध ग्रह मजबूत स्थिति में होता है, तो व्यक्ति की बुद्धि तेज होती है - फोटो : adobe stock

पंचमहापुरुष में से भद्र राजयोग क्यों है विशेष
पंच महापुरुष योगों में भद्र योग को विशेष स्थान इसलिए दिया जाता है क्योंकि यह व्यक्ति के मानसिक और बौद्धिक पक्ष को अत्यधिक मजबूत करता है। यह योग केवल भौतिक सुख या सत्ता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति को गहरी सोच, तर्क शक्ति और प्रभावशाली व्यक्तित्व प्रदान करता है। ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि जब बुध ग्रह मजबूत स्थिति में होता है, तो व्यक्ति की बुद्धि तेज होती है और वह अपने ज्ञान तथा संवाद कौशल के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यही कारण है कि भद्र राजयोग को शिक्षा, लेखन, मीडिया, राजनीति और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है।

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इस योग के प्रभाव से मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ और सिंह राशि के लोगों को विशेष लाभ - फोटो : अमर उजाला

भद्र राजयोग इन राशियों को देगा लाभ 
भद्र राजयोग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय ज्यादा शुभ और फायदेमंद माना जाता है। इस योग के प्रभाव से मिथुन, कन्या, तुला, कुंभ और सिंह राशि के लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना रहती है। इन जातकों के करियर में तरक्की, व्यापार में फायदा, आर्थिक स्थिति में सुधार और समाज में मान-सम्मान बढ़ने के योग बन सकते हैं।हालांकि, हर व्यक्ति के जीवन में इसका असर उसकी जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए परिणाम व्यक्ति-व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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