पंचांग के अनुसार, 01 नवंबर को चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेंगे जो 3 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे, वहीं मंगल भी कर्क राशि में है इस तरह से 3 नवंबर तक कर्क राशि में महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, माता, सुख आदि का कारक ग्रह माना जाता है। सभी ग्रहों में चंद्रमा को सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। यह एक राशि में करीब ढाई दिनों तक रहते हैं। कर्क राशि में मंगल और चंद्रमा की युति होगी जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। आइए जानते हैं इस महालक्ष्मी राजयोग से किन-किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
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कन्या राशि
- फोटो : amar ujala
कन्या राशि पर प्रभाव
मंगल-चंद्रमा की युति से बना महालक्ष्मी राजयोग बहुत ही शुभ और सकारात्मक साबित हो सकता है। आपकी राशि में यह गोचर ग्यारहवें भाव में होगा जिससे आपकी कई तरह के इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आय के नए-नए स्त्रोत खुल सकते हैं। लंबे समय से रूका हुआ काम जल्द से जल्द पूरा होगा। समाज में आपके मान-सम्मान में वृद्धि के योग हैं। निवेश संबंधी योजनाओं में आपको लाभ मिलेगा।
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तुला राशि
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तुला राशि पर प्रभाव
तुला राशि के जातकों के लिए महालक्ष्मी राजयोग बहुत ही अच्छा और शुभ रहेगा। मंगल-चंद्रमा की युति आपके दशम भाव में होगी जिससे आपके कार्यक्षेत्र में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आपको काम की सराहना होगी। नौकरी में नए तरह के अवसर मिल सकते हैं। पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी। आपको मानसिक तनाव से छुटकारा मिलेगा।
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वृश्चिक राशि
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वृश्चिक राशि प्रभाव
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्रमा-मंगल की युति से बना महालक्ष्मी राजयोग आपके भाग्य और तरक्की के नए-नए रास्ते खोल सकते हैं। आपकी राशि में यह योग भाग्य भाव में बनेगा। इस राशि के जातकों के लिए लंबे समय से अटका हुआ काम पूरा होगा। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के लिए अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं। जो लोग व्यापार से संबंधित हैं उनको कोई अच्छी डील हासिल हो सकती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।